21 अप्रैल को दिल्ली के गाजीपुर से 11 साल की बच्ची का हुआ था अपहरण
22 की रात दिल्ली पुलिस ने बच्ची को साहिबाबाद स्थित मदरसे से बरामद किया
मौलवी और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर दिल्ली ले गई थी पुलिस
नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया, लेकिन मौलवी पर नहीं की कार्रवाई
गाजियाबाद।। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली के गाजीपुर में चल रहे धरने को लेकर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे खोड़ा के पास एनएच 24 पर जाम लगाया। प्रदर्शनकारी दुष्कर्म के आरोपी मौलवी को फांसी दिए जाने की मांग करने लगे। इससे एनएच 24 पर करीब 2 किमी तक वाहनों की लंबी लाइने लग गई।
जानकारी अनुसार 21 अप्रैल से लापता 11 साल की बच्ची रविवार को साहिबाबाद के मदरसे से मिली और उसने बताया कि वह कैसे मदरसा पहुंची और उसके साथ वहां क्या-क्या हुआ। बच्ची ने मैजिस्ट्रेट को बताया कि 21 अप्रैल को दुकान जाने के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी उसे पड़ोस की लड़की मिली, जिसने उससे एक दोस्त से मिलवाने के लिए बुलाया। यह वही नाबालिग था, जो उसे मदरसे तक लेकर गया था।
एक कपड़ा लपेटे फर्श पर लेटी थी बच्ची
जब पीड़िता को मदरसे से छुड़ाने के लिए पुलिस वहां पहुंची थी तो वह एक कपड़ा लपेटे फर्श पर बिछी चटाई पर लेटी हुई थी। जिस कमरे में बच्ची को रखा गया था, उसमें मौलवी क्लासेस के बीच आराम करने के लिए पहुंचता था। वह इमारत स्थानीय मस्जिद कमिटी की है, जिसमें मौलवी बच्चों को तालीम देता है। पिछले साल ही मौलवी को नियुक्त किया गया था। पुलिस इस बात की जांच में भी जुटी है कि कहीं मौलवी अन्य बच्चों की किडनैपिंग में तो शामिल नहीं। वहीं, आरोपी नाबालिग के कॉल रिकॉर्ड्स चेक करने पर पुलिस ने पाया कि वह लापता होने वाले दिन लगातार पीड़िता के संपर्क में रहा। क्राइम ब्रांच कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश भी कर रही है कि उसने पीड़िता से यौन शोषण के लिए अन्य किसी से संपर्क किया था कि नहीं।
महिलाओं ने निकला मार्च
गाजीपुर थाने के पास महिलाओं ने मार्च निकाला और इंसाफ की मांग की। महिलाओं ने आरोपी मौलवी को गिरफ्तार करने की मांग भी की। एनएच-9 पर हुए प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए। वहीं,एनएच-9 पर मदरसे को सील करने और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गाजीपुर थाने भेज दिया है। प्रदर्शन व हंगामे के चलते हाईवे पर यूपी गेट से लेकर नोएडा सेक्टर 62 मॉडल टाउन तक करीब 1 घंटे तक जाम लगा रहा। वहीं, यूपी गेट से लेकर गाजीपुर तक जाम लगा है। जाम के चलते सैकड़ों गाड़ियां जहां की तहां खड़ी हो गईं।
मदरसे के मौलवी ने यौन शोषण के बाद बच्ची को कर दिया था कैद
पीड़ित बच्ची ने बताया कि 17 साल के उस नाबालिग और मदरसे के मौलवी उसका यौन शोषण करने के बाद उसे कमरे में बंद कर देते। मदद के लिए चिल्लाने की आवाज़ें कोई नहीं सुन पाता क्योंकि साथ वाले कमरे में क्लासेस चलती हैं। पीड़िता ने बताया कि मदरसे में कुछ अन्य लोगों ने भी उसे गलत तरह से छुआ। उनकी पहचानने की कोशिशें भी जारी हैं।
मौलवी पर नहीं कार्रवाई!
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों की गिरफ्तारियों के खिलाफ कार्रवाई की को लेकर अलग-अलग हिन्दू संगठनों के लोग गाजीपुर थाने पर जमा हो गए और जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने पुरे मामले में पुलिस चुप्पी साधी हुई है।
21 अप्रैल को दिल्ली के गाजीपुर से एक बच्ची (11) का अपहरण कर लिया गया था। गाजीपुर थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर 22 अप्रैल की रात बच्ची को साहिबाबाद की नीलमणी कॉलोनी स्थित मदरसे से बरामद किया था। इस दौरान पुलिस मदरसे के मौलवी और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर दिल्ली ले गई थी। पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बाल सुधार गृह भेज दिया, लेकिन मौलवी पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी जानकारी हिंदू संगठनों को लगते ही सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह 8 बजे गाजीपुर के पास एनएच-24 पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की।
