महिला ने दिया सांप के बच्चों को जन्म, करती है बेटों की तरह परवरिश

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पढ़ें हैरान करने वाली रिपोर्ट
  पटना/बिहार।। बिहार से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दरअसल मुंगेर जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हेरु दियारा के डकरा गांव की रहने वाली कृष्णा यादव की पत्नी मीना देवी एक लगभग 6 इंच के जहरीले सांप की बच्चों की तरह परवरिश कर रही है। महिला का दावा है इस सांप ने उसकी कोख से जन्म लिया है। महिला का दावा है कि उसकी कोख से तीन सांप के बच्चों ने जन्म लिया था।
   दो बेटे और एक बेटी को मैं अपने बच्चे की तरह पाल रही थी। अपने तीनों बच्चों के नाम आंधी, तूफान और मेल रखा था, जिसमें से आंधी और तूफान की तो मौत हो गई है, लेकिन मेल नागिन है (यानि मीनू ) अब तक जिन्दा है। महिला का दावा है कि ‘मेल’ नहीं मरेगा अब यह हमेशा मेरे साथ रहेगा।
    वैसे मीना को दो संतानें भी हैं। पति कृष्णा पेशे से मजदूर है। एक बच्चे का नाम आकाश और दूसरी बच्ची का नाम प्रियंका है। दोनों बच्चे पढ़ते भी हैं। लेकिन सांप को भी उन्होंने अपना बच्चा माना है और कहा है उसके लिए भी एक घर बनाऊंगा और इसे अपने साथ रख लूंगा।
सांप मानता है मां की बात
    वहीं सांप के बारे में बात करें तो ये सांप लगभग 6 इंच का है। सिर पर खड़ाऊ का निशान भी है। काला रंग है। हल्का पतला है। ग्रामीणों के मुताबिक एक छोटा सा सांप आज्ञाकारी बच्चे की तरह वह अपनी मां की हर बात मानता है। मां कहती है उठ जा बेटी दूध पी लो तो वह दूध की कटोरी के पास जाकर रुक जाता है। चलने को कहती है तो चलने लगता है। रुकने को कहती है तो रुक जाता है।वापस आने को कहती है तो वापस आ जाता है। खड़े होने को कहती है तो 2 इंच गर्दन ऊपर उठा देता है।
महिला ने बताई ये बात
    महिला का कहना है कि उसके एक लड़का और एक लड़की होने के बाद कई सालों के बाद प्रेग्नेंसी हुई थी। स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन जब अल्ट्रासाउंड करवाया तो डॉक्टरों ने कहा क‍ि पेट में थैली है, बच्चा नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा क‍ि जब में प्रेग्नेंसी के वक्त कुछ भी खाना खाती तो पेट में जलन होती थी और दूध पीती तो पेट में आराम होता था। प्रेग्नेंसी के 9 महीने होने के बाद रात में पेट में दर्द हुआ।
   जब बाथरूम गईं तो टॉयलेट करते वक्त लगा कुछ निकला। मुझे लगा क‍ि मैंने किसी बच्चे को जन्म दिया लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ पता नहीं चला। उन्होंने कहा क‍ि अगस्त में नागपंचमी के दिन जब मैं शाम में किचन में खाना बना रही थी तो तीन छोटे-छोटे सांप मेरे पास आए। मैं डर गई लेकिन छोटे-छोटे जीव को देख मैंने उन्हें मारा नहीं और तब से उन्हें बच्चों की तरह पाला। फिलहाल मीणा देवी की बातों को सुनकर और सांप को देखकर गांव वाले भी अचंभित हैं। गांव में कौतूहल का विषय बना हुआ है। घर पर सांप देखने वाले का दिन भर तांता लगा रहता है।

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