रावण दहन और महिषासुर वध के खिलाफ आदिवासी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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   रायगढ़।। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। इन लोगों ने बताया कि लंकापति रावण और महिषासुर गोंडवाना समाज के पूर्वज हैं। रावण दहन करने और दुर्गा के हाथों महिषासुर की हत्या कराने के दृश्यों से आदिवासी समाज की धार्मिक भावना आहत होती है। 
    सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखों ने डिप्टी कलेक्टर सीमा पात्रे से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी को बताया कि गोंडवाना सम्राट रावण और संथाली राजा महिषासुर इनके आदिम समुदाय के पूर्वज थे। ऐसे में रावण दहन और नवरात्रि में दुर्गा माता के साथ महिषासुर वध की प्रतिमा को सार्वजनिक पंडालों में रखने से आदिवासियों की धार्मिक भावना आहत होती है। लिहाजा इस पर रोक लगे। डिप्टी कलेक्टर सीमा पात्र ने इस संबंध में बताया कि सर्व आदिवासी समाज ने जो ज्ञापन दिया है, उसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा।

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