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लॉकडाउन में पुलिस की लाठी से बचने का यह आइडिया देख हंसी रोक नहीं पाएंगे आप
कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मद्देनजर पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. आम लोगों से घर पर रहने और बाहर न निकलने की अपील की जा रही है. देश के कई राज्यों में लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है. कई इलाकों से लॉकडाउन तोड़ने और पुलिस द्वारा सख्ती किये जाने की खबरें भी आम हैं. ऐसे में लोगो ने भी पुलिस की मार से बचने के लिए कोई ना कोई जुगाड़ ढूंढ ही लिए है। इसी क्रम में बिहार के गोपालगंज में लॉकडाउन के बीच बाहर निकलने और पुलिस की पिटाई से बचने के लिए युवक ने ऐसी तरकीब लगाई, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए. आप भी युवक की तस्वीर देखेंगे तो हंसी रोक नहीं पाएंगे.
दवा खरीदने के लिए जुगाड़
दरअसल, गोपालगंज के मासपुर गांव निवासी मेराज अहमद को अपने घर के सदस्यों के लिए दवा खरीदनी थी. लॉकडाउन की वजह से बाहर निकलना मुश्किल है. ऐसे में पुलिस की पिटाई से बचने के लिए मेराज ने अपने सीने और पीठ पर पोस्टर लगा लिया, जिसपर लिखा था ‘कृपया लाठीचार्ज न करे, दवा लेने जा रहे हैं’. मेराज अहमद को दवा लेने के लिए दरअसल गांव से करीब 50 किलोमीटर दूर गोपालगंज शहर आना था. इस बीच में पुलिस का चेकपोस्ट भी पड़ता है, लिहाजा पिटाई से बचने के लिए उसने ये तरीका आजमाया. पेट और पीठ पर पोस्टर टांगने के मेराज के इस जुगाड़ पर जिसकी भी नजर पड़ी, वो हंसे बिना रह नहीं सका.
दवा खरीदकर लौट गए गांव
मेराज अहमद के इस जुगाड़ को लेकर जब न्यूज 18 ने उनसे बात की, तो उन्होंने बताया कि वह पहले अपने गांव से पास ही में स्थित बथुआ बाजार गए थे. मगर वहां दवा नहीं मिली. मजबूरी में उन्हें गोपालगंज शहर जाना पड़ा. मेराज ने बताया कि टीवी और सोशल मीडिया पर वे लगातार देख रहे थे कि लॉकडाउन में घर से बाहर निकलने पर पुलिस लोगों को पीट रही है. लिहाजा पिटाई से बचने और दवा खरीदने के लिए उन्हें ये पोस्टर लगाकर गोपालगंज जाना पड़ा. मेराज ने बताया कि गोपालगंज के जादोपुर रोड से दवा खरीदने के बाद वे सीधे अपने गांव लौट गए.