जब वह दूर खड़ी शव को अपनी पहली मुलाकात के सुना रही थी तराने

Breaking News

10/recent/ticker-posts

Ad Code

जब वह दूर खड़ी शव को अपनी पहली मुलाकात के सुना रही थी तराने

कोरोना से हुई थी पति की मौत
    बरेली/उत्तर प्रदेश।। कोरोनावायरस से संक्रमण व मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो दिलों को झकझोर देने वाली हैं। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आया है। यहां कोरोनावायरस संक्रमित वजीर अहमद (35 वर्ष) की बुधवार को मौत हो गई थी। उसका शव डॉक्टरों ने वार्ड में कफन लपेटकर रखा दिया था। इस बीच दूर खिड़की के बाहर खड़ी वजीर अहमद की पत्नी आंखों में आंसू लिए उसे अपनी पहली मुलाकात के किस्से सुना रही थी। वह गीत भी गाया, जो उसके पति वजीर ने उसे देखकर गाया था। जिसने भी ये दृश्य देखा, उसके कलेहा कांप उठा।
    मौत की खबर वजीर अहमद के परिजन अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन पास जाने की मनाही थी तो खिड़की की जाली से वजीर के शव को लोग निहार रहे थे। वजीर की पत्नी भी पहुंची थी। वह आंखों में आंसू व रूंधे गले से कहती है कि, उठकर जल्दी आ जाओ... रात में तुम्हें कहीं इधर-उधर लिटा देंगे... इतने दिन तुम्हे मुझसे दूर रखा। कैसे मैने बर्दाश्त किया है? एक एक पल कैसे कटा है? मुझसे पूछो।
    तभी परिजन उसे खिड़की से हटाना चाहते हैं, लेकिन वह कुछ और पल रुकने की मिन्नत करती है। वह कहती है कि, मैं बात कर लूं। ध्यान कर लूं सब। मैं उनकी बीवी हूं। बीवी सबसे ज्यादा करीब होती है। वह मृत पड़े वजीर से सवाल करती है कि, लोग कहते हैं तुम्हे कोरोना हुआ है? मैं तुम्हारी बीवी हूं, तो मुझे नहीं हुआ? बच्चों को नहीं हुआ? बेटी तो गोद में बैठी थी तुम्हारे। तुम्हे खाना खिलाया था।
    वह रह रहकर कहती है कि हमारी लव मैरिज हुई थी। रोते रोते गाना गाती है कि, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें, यह सुनते ही लोग रो पड़ते हैं। चांद सी महबूबा हो, हां मे बिल्कुल वैसी हूं जैसा तुमने सोचा था। पहली बार मिले थे तो यही गाना सुनाया था न? अस्पताल में मिले थे। मेरी तबियत खराब हो गई थी। इन्होंने मेरी जान बचाई थी। पहली नजर में ही प्यार हो गया था। इन्होंने अपने पापा को मेरे घर भेजा था। ये पुराने गानों के बहुत शौकीन हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

Ad Code