कोरोना वायरस का असर, यू. एस. का नामी बॉडी बिल्डर सूख कर हो गया कांटा

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कोरोना वायरस का असर, यू. एस. का नामी बॉडी बिल्डर सूख कर हो गया कांटा

    नई दिल्ली।। कोरोना वायरस और उसके संक्रमण को जो लोग हल्के में ले रहे है, लॉक डाउन तोड़ रहे है और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे है, उन्हें US के इस नामी गिरामी बॉडी बिल्डर की दास्तान जरूर पढ़नी चाहिए | इस बॉडी बिल्डर ने बाकायदा तस्वीरें शेयर कर बताया है कि कितना खतरनाक है कोरोना वायरस | उसने बताया कि यह आपके शरीर पर कितना बुरा असर डालता है ? इस शख्स ने अपनी सेहतमंद वो तस्वीरें शेयर की है, जब वे संक्रमण मुक्त थे | फिर उन्होंने संक्रमित होने के 6 हफ़्तों बाद की वो तस्वीरें शेयर की जब वो स्वस्थ होकर अस्पताल से बाहर आये | 
    उनके मुताबिक बेहतरीन सेहत और सुगठित शरीर वाले इंसान को भी कोरोना वायरस एकदम कमजोर बना देता है |अपना अनुभव शेयर करते हुए इस बॉडी बिल्डर ने आपबीती सुनाई कि संक्रमण की वजह से उनके शरीर में सिर्फ जान रह गई थी | दम नहीं बचा था | वे बेहद कमजोर हो गए है | उनकी ये तस्वीरें बेहद भयावह हैं | दरअसल 43 वर्षीय बॉडी बिल्डर माइक शल्ट्ज का वजन कोरोना होने से पहले करीब 87 किलोग्राम था | जबकि कोरोना होने के बाद उनका वजन घटकर 63 किलोग्राम रह गया है | वे संक्रमण की वजह से शरीर का वजन 24 किलोग्राम लूज कर गए है | 
      माइक को कोरोना का संक्रमण तब हुआ जब वे मार्च के पहले हफ्ते में मियामी बीच में हुई एक विंटर पार्टी फेस्टिवल में शामिल हुए थे | इस पार्टी में शामिल 38 लोगों की जाँच के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी | इसमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी | उनके मुताबिक यह विंटर पार्टी 4 मार्च से 10 मार्च तक चली थी | 
     इसमें करीब 10 हजार लोगों ने भाग लिया था | उनके मुताबिक उनकी जिंदगी अच्छी चल रही थी | लेकिन एक दिन वे खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए | उन्हें बोस्टन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया | वहां उन्होंने कुछ दिन बाद अपनी नर्स से पूछा कि कितने दिन से यहां भर्ती हूं | तो पता चला कि 6 हफ्ते हो चुके हैं | जबकि, माइक को लग रहा था कि उन्हें भर्ती हुए अभी एक ही हफ्ता हुआ है | 
     इन छह हफ्तों में माइक अपना सुगठित शरीर खो चुके थे | उनके गाल पिचक गए थे | सीना, बाहें, हाथ, पेट और शरीर के अन्य अंग काफी सिकुड़ चुके थे | वे बेहद कमजोर दिखाई दे रहे थे | मानों शरीर सूख गया हो | माइक बताते हैं कि उनके पास इतनी ताकत नहीं थी कि वे अपना फोन उठा सकें | उन्हें उनका मोबाइल भी भारी लगता था | 
      वे कोई मैसेज भी टाइप नहीं कर पाते थे, क्योंकि उनकी उंगलियां कांपती थीं | उन्हें अहसास होने लगा था कि “मैं दुनिया का सबसे कमजोर इंसान हूं”| कोरोना से बीमार होने के बाद अपनी तस्वीरें लेने के लिए भी उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ रही थी | वो बिस्तर से उठ नहीं पा रहे थे | 
      माइक को अस्पताल से लाने के लिए उनके ब्वॉयफ्रेंड डीजे जोश हेब्बलेवेट पहुंचे थे | अपने दोस्त को धन्यवाद देते हुए माइक ने कहा कि उन्होंने मेरे भीतर जोश भर दिया है | उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया है | दोनों दोस्त एक साथ एक कार में बैठकर माइक के घर गए | 
     माइक के मुताबिक हर हफ्ते 7 से 8 बार जिमिंग सेशन करते थे | हेल्दी डाइट लेते थे | उन्हें लगता था कि वे इतनी एहतियात बरतते हैं | सबकी सेवा करते हैं, सेहत भी अच्छी है. इसलिए उन्हें कभी कोरोना का संक्रमण नहीं होगा | लेकिन जब वे कोरोना से संक्रमित हुए तो उनकी हालत पतली हो गई | 
     माइक ने कहा कि संक्रमण होने के बाद वे 8 हफ्ते से अपने घर, परिवार और रिश्तेदारों से दूर हूं | अब मैं धीरे-धीरे ठीक हो रहा हूं | बहुत जल्द ठीक होकर अपने काम पर जाऊंगा | उन्होंने अपनी और अपने फ्रेंड की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की है | इन तस्वीरों में उन्होंने दिखाया है कि कैसे कोरोना से पहले वे कितने स्वस्थ थे और अब कैसे कमजोर हो गए हैं |

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