यूवा वर्ग तेज़ी से कोरेक्स से क्राइम की और बढ़ाता कदम

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समाज में बढ़ती संख्या में युवा वर्ग हो रहें नशीली दवा के हुए आदि
     समाज और देश के बेहतर निर्माण में युवा पीढ़ी की भागेदारी अहम होती है। युवा अपने सकारात्मक ऊर्जा के साथ समाज में बेहतर बदलाव ला सकतें है। इतिहास भी गवाह है कि जब–जब युवा क्रांति आया है तो समाज और देश की तस्वीर बदली है। लेकिन अब वर्त्तमान परिवेश में देखा जा रहा है कि युवा पीढ़ी अपने अधिकार और जबावदेही को भूलते हुए अपने भविष्य को अंधकार में ले जा रहें है। युवा पीढ़ी में देखा जा रहा है कि अधिकतर कम आयु से ही नशीली दवा के गिरफ्त में आ रहें है और धीरे–धीरे सेवन करने के बाद इस नशीली दवा के गिरफ्त में आ रहें है। शहर में कई जगहों पर फेंका दिख रहा है नशीली दवा (कोरेक्स) की बोतल। 
    जानकारों का मानना है कि नशीली दवा के सेवन करने के बाद मष्तिष्क को अच्छा और बुरा सोचने की ताकत नहीं होती है। ऐसे में युवा पीढ़ी गलत राह की ओर जा रहें है। जिससें उनका आने वाला कल भी जमींदोज हो रहा है। 
   सूत्रों की मानें तो अगर कहीं गोली बारी की घटना घटती है तो अगर उस घटना में युवा वर्ग शामिल होतो वो नशीली दवा का सेवन कर ही घटना को अंजाम देता है। ली जानकारी के मुताबिक सहरसा शहर में कई जगहों पर गली मोहल्ले के चाय दुकान या नुक्कड़ पर बैठकर युवा पीढ़ी नशीली दवा का सेवन करतें है। जो पुलिस और समाज के लिए काफी चिंता का विषय है। पुलिसिया तंत्र को चाहिए कि अपनी गस्ती को पैनी नजर के साथ और तेज करें और इस तरह के युवाओं पर कानूनी नकेल कसे। आयें दिन पुलिस के द्वारा छापेमारी कर कोरेक्स या अन्य प्रतिबंधित दवा पकड़ी जाती है।लेकिन समाज से हर बुराई को खत्म करवाना पुलिस की ही जिम्मेदारी नहीं होती है। समाज के हर लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। तभी समाज की बुराई जड़ से खत्म हो सकती है।क्योंकि कोई भी युवा आपके ही समाज का बेटा या भाई है। आयें दिन देखा जा रहा है कि बहुत सारें जगहों पर नशीली दवा (कोरेक्स) की कई बोतल फेंकी मिल जायेगी। जिसका इस्तेमाल आपके ही घर के आस पड़ोस के युवा वर्गो ने किया होगा।नशीली दवा (कोरेक्स) के सेवन से क्राइम का ग्राफ भी बढ़ता है। और युवा पीढ़ी की ज़िन्दगी भी जमींदोज हो जाती है। अगर पुलिस अपना फर्ज ईमादारी के साथ निभाएं और समाज के लोग जागरूक रहें तो कभी भी समाज में किसी तरह के बुराई का फैलाव सम्भव नहीं है।

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