कोरोना में मृत व्यक्ति को कन्धा देने का बिजनेस ज़ोरों पर क्यों है ..?

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कोरोना में मृत व्यक्ति को कन्धा देने का बिजनेस ज़ोरों पर क्यों है ..?

शव को कंधा देने के लिए मांगे जा रहे 4 हजार, कफ़न के रेट सुनकर उड़ जाएंगे होश
   कोरोना में फैले संक्रमण से मौते क्या हुई कुछ लोगो ने संक्रमण से फैले डर को ही अपना धंधा बना लिया। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मौत के आंकड़े अचानक से बढ़ गए। वही मौतों के आंकड़ो में तेज़ी आने से श्मशान घाटों पर लम्बी कतारे भी लगने लगी। लोग अपने मृत परिजन की पार्थिव देह का पहले दाहसंस्कार कराने के लिए यहाँ भी रिश्वत देने से नहीं चुके। यही नहीं उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में भी अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे लोगों के अंतिम संस्कार में होने वाले खर्च को बढ़ा दिया गया है। यहाँ तक की वाराणसी की कई घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा पैसे वसूल किये जा रहे हैं। जानकारी अनुसार कोरोना के संक्रमण से लोग इतने डरे और सहमे है कि वह अपने मृत रिश्तेदारों को भी कन्धा देने से परहेज़ कर रहे है। इसी वजह से मृत व्यक्ति को कंधा देने के लिए 3 से 4 हजार रुपये लिये जाने का मामला सामने आया है। 
     वाराणसी में अंतिम संस्कार करने आये लोगो से जो व्यवहार काशी के हरिश्चंद्र घाट पर हो रहा है वो मानवता को शर्मशार करने वाला है शव लेकर आये परिजनों से कफ़न बांस की बेदी के लिए 4 से 5 हजार तक मांगे जा रहे है। इसके अलावा जो लाश को कंधा देकर मात्र कुछ कदम शमशान घाट तक ले जाएंगे वो 4 हजार तक कि डिमाण्ड कर रहे है लोग अपने सगे - संबंधियों की लाश लेकर पैसा कम करने की गुहार लगा रहे है पर उनकी इस मार्मिक चीत्कार को सुनने वाला कोई नहीं है सभी को सिर्फ मनमाना रुपया चाहिए नही तो शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा। 
    वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर किस तरह से कुछ डोम मनमानी कर इंसानियत को शर्मशार कर रहे है ये सब कुछ नजर आ रहा है इसी घाट पर डोम राजा परिवार के सदस्य ने खुद इस बात को माना की यहाँ उन्ही के साथी मनमानी को बेताब है अंतिम संस्कार हो या कंधा देने के मसला मनमाना पैसा वसूल रहे है। हद तो तब हो जाती है जब वाराणसी नगर निगम ने वाराणसी के इसी घाट पर निःशुल्क अंत्येष्टि के रजिस्ट्रेशन के लिए कैम्प लगा रखा है पर इस कैम्प की कुर्सियां खाली नजर आयी कुर्सियों के पास शव अंतिम संस्कार के लिए पड़े नजर आये लोग अपनी मजबूरियां बताते दिखे पर किसी का दिल पसीजता हुआ नजर नहीं आया। 
    इस मामले पर जब हमने वाराणसी के जिलाधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा की अब घाटों पर शवदाह कम हो रहा है सारी व्यवस्था की गई है नगर निगम का कैम्प लगा दिया गया सभी के रेट निर्धारित किये गए किसी चीज की अव्यवस्था नहीं है फिर भी कुछ ऐसा है तो लोग हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर रखते जो शिकायत है हम उसकी जांच करवा रहे है उन्होंने ये भी कहा की किसी भी राज्य से शव लेकर आने वाराणसी में शवदाह करने पर रोक नहीं है। 

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