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शक्तिपीठ के नाम से प्रसिद्ध इस दरबार में.. कई नि:संतान एवं लकवाग्रस्त रोगी ले चुके है लाभ

गौसंत रघुवीर दास महाराज ने किए शक्तिपीठ चौंसठ जोगणियां धाम के दर्शन
श्रद्धालुओ को मिला संत दर्शन का लाभ
   बांसवाड़ा/राजस्थान।। कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरोना पाटन स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन शक्तिपीठ चौंसठ जोगणियां धाम पर कुशलगढ़ में नौ दिवसीय रामकथा कर रहे ब्रह्मदेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध स्थान छींछ के गौसंत रघुवीर दास महाराज ने शक्तिपीठ मंदिर परिसर में मां चौंसठ जोगणियां के दर्शन कर पूजा अर्चना की। महाराज ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओ से वार्तालाप एवं नन्हे मुन्हे बच्चों पर प्रेम जताते हुए कहा कि बच्चे भगवान का रुप होते हैं। 
   रघुवीर दास जी ने उक्त शक्तिपीठ के अतिप्राचीन होने का हवाला देते हुए बताया की यह प्राकृतिक उद्भव स्थान एक प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं जहां आने पर स्वत: ही आध्यात्मिक शक्ति का आभास होता है। कुशलगढ़ के दूर दराज क्षेत्र के अलावा यहां गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालू माता के दर्शन करने आते है। महाराज ने शक्तिपीठ की चमत्कारिक शक्ति के बारें में बताते हुए कहा की यहाँ दिल से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूरी होती है। 
17 वी शताब्दी का है स्वयं भू शक्तिपीठ
    इस दौरान मंदिर समिति के व्यवस्थापक डॉ. मधूसूधन शर्मा ने शक्तिपीठ के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह स्वयं भू शक्तिपीठ 17 वी शताब्दी का है। वर्ष 2001 में यहां खुदाई के दौरान अति प्राचीन प्रतिमाएं जमीन के भूगर्भ से निकली है, जिसमें वास्तु अनुसार बांसी पहाड़पुर के पत्थरों से जोगणियां माता के मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है।  
   आपको बता दे कि इसी शक्तिपीठ परिसर में में महिषासुर मर्दनी, विष्णु भगवान की प्रतिमाए भी दर्शनार्थ हेतु विराजित की गयी है, जिनके मंदिर बनना भी प्रस्तावित है। जानकारों का कहना है कि उक्त मंदिर के इतिहास पर मुम्बई की लियो फिल्म प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा जोगणियां महिमा पर फिल्म भी बनाई है। वही चौंसठ जोगणियां चालिसा अष्टक की पुस्तक भी पूर्व में प्रकाशित हो चुकी है।  
पूर्व मुख्यमंत्री भी ले चुकी है शक्तिपीठ के दर्शनों का लाभ 
    उक्त धाम पर अपने राजनैतिक कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी यहाँ राज्य की खुशहाली हेतु पूजा अर्चना कर चुकी है। प्रत्येक रविवार को उक्त धाम पर भक्तो का तांता लगा रहता है। यहां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ-साथ वर्ष में आने वाले दोनों नवरात्र में गरबो और यज्ञ का आयोजन भी किया जाता है।
नि:संतान दंपति एवं लकवाग्रस्त रोगियों के लिए भी वरदान साबित हुआ  
    मंदिर संचालकों का कहना है कि उक्त शक्तिपीठ निसंतान दंपति एवं लकवाग्रस्त रोगियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। क्षेत्र के सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मण डिंडोर ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी यहां समय समय पर दर्शन लाभ लेते रहे हैं। इस दौरान सांई भक्त हेमेंद्र पण्डया, विजय पडियार, तलवाड़ा से आए गौशाला पदाधिकारी तथा संत के साथ आए सभी भक्तगण मौजूद रहे।

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