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हाई कोर्ट भर्ती परीक्षा हुई रद्द, पत्रकार ने किया था भर्ती घोटाले को उजागर

यूवाओं ने कहा हाई कोर्ट ने परीक्षा के नाम पर फ़ीस लेकर लूट लिया और नंबर तक नहीं बताए
हाई कोर्ट भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप, बिना मार्क्स जारी किये कैसे जारी किया गया टाइपिंग टेस्ट का नोटिफिकेशन?
 
   जोधपुर/बांसवाड़ा/राजस्थान।। हाल ही में आयोजित राजस्थान हाई कोर्ट की भर्ती परीक्षा  JrJAs for RHC JAs for RSLSA and DLSAs and Clerks Grade II for RSJA and District Courts 2020को हाई राजस्थान द्वारा पेपर लीक में हुई गड़बड़ी की आशंका के चलते रद्द कर दिया गया है। आपको बता दे की राजस्थान के क्राइम और इन्वेस्टीगेशन में माहिर एक पत्रकार ने इस सम्बन्ध में हाई कोर्ट के परीक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ हुई जाँच की ऑडिओ क्लिप वायरल होने के बाद हाई कोर्ट प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त परीक्षा को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट प्रशासन के परीक्षा नियंत्रक रजिस्ट्रार ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए बताया की 13.03.2022 को आयोजित उक्त परीक्षा के लीक हुए पेपर को लेकर पुलिस स्टेशन कोतवाली दौसा, राजस्थान में एफआईआर संख्या 136/222 दर्ज हुई थी। हाई कोर्ट प्रशासन ने इसी एफआईआर में एक विशिष्ठ जांच एजेंसी का हवाला देते हुए उक्त परीक्षा को रद्द करने की बात कही है। 
एफआईआर और जांच के बाद भी परीक्षा तुरंत प्रभाव से क्यों रद्द नहीं की गई?  
   आपको बताते चले की उक्त एफआईआर संख्या 136/222 पुलिस स्टेशन कोतवाली दौसा में पेपर लीक को लेकर उक्त परीक्षा के आयोजित होने के तुरंत बाद दर्ज हो चुकी थी, वही जांच एजेंसी भी इस सम्बन्ध में जांच कर चुकी थी तो फिर हाई कोर्ट ने उक्त परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द क्यों नहीं किया? यही नहीं बल्कि हाई कोर्ट परीक्षा नियंत्रक द्वारा उक्त परीक्षा के उपरांत परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के परीक्षा प्राप्तांको को जारी किये बगैर ही कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट को आयोजित करने के लिए नोटिफिकेशन को कैसे जारी कर दिया गया? यह एक बड़ा सवाल इस देश के बेरोजगारों के समक्ष खड़ा हो गया है?
कई योग्य यूवा हो जाएंगे ऑवर एज़ 
    परीक्षा रद्द करने को लेकर हाई कोर्ट के परीक्षा नियंत्रक रजिस्ट्रार ने उक्त नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है, कि उक्त परीक्षा को आगामी दिनों में पारदर्शिता के साथ पुनः आयोजित किया जाएगा। वही उक्त भर्ती परीक्षा में सम्मिलित हुए कई अभ्यर्थियों के ऑवर एज़ हो जाने के कारण उक्त भर्ती परीक्षा से बाहर हो जाने की भी आशंका जताई जा रही है। उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा आयोजन एजेंसी की लापरवाही के चलते उक्त परीक्षा के रद्द होने के बाद भविष्य में फिर से उक्त परीक्षा के संभाग मुख्यालय पर आयोजन के कारण उन्हें कई आर्थिक और शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ेगा। 
क्या था मामला?
   हाई कोर्ट में RECRUITMENT - Recruitment JrJAs for RHC JAs for RSLSA and DLSAs and Clerks Grade II for RSJA and District Courts 2020  के तहत मांगे गए ऑनलाइन आवेदनों के बाद दिनांक 13 मार्च 2022 को राजस्थान में आयोजित लिखित परीक्षा की दिनांक 18.05.2022 को आनन् फानन में कट ऑफ के साथ सफल अभ्यर्थियों की एक लिस्ट हाई कोर्ट परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी कर दी गई। आपको बताते चले की हाई कोर्ट द्वारा जारी उक्त सफल अभ्यर्थियों की सूची में कही भी लिखित परीक्षा से सम्बन्धीत प्राप्तांकों का जिक्र नहीं करना परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में उक्त परीक्षा के पारदर्शिता पूर्वक आयोजन को लेकर संदेह का भाव पैदा कर रहा है। वही राजस्थान हाई कोर्ट जैसी सम्मानजनक संस्था में हो रहे इस तरह के कार्य आम जनमानस में उक्त परीक्षा में भ्रष्टाचार होने का संदेह भी पैदा कर रहे है। 
  आपको बता दे कि हाई कोर्ट परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी की गई सफल अभ्यर्थियों की उक्त लिस्ट में उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) का कही कोई विवरण नहीं दिया गया है। वही कई अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) के बिना ही सीधे ही टाइपिंग टेस्ट की परीक्षा आयोजित किया जाना एक बड़े परीक्षा घोटाले की और संकेत कर रहा है।   
   उधर उक्त परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे पूर्व के वर्षों में आयोजित सभी एलडीसी की परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट से पूर्व ही उन परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थियों के परीक्षा प्राप्तांको (Statement of Marks) जारी किये गए है, जिससे परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता एवं अहर्ता से सम्बन्धीत कोई शंका ना हो।
   राजस्थान हाई कोर्ट की वेबसाइट से प्राप्त सूचना अनुसार वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में आयोजित क्लर्क ग्रेड सेकेंड की परीक्षा में विधिवत तरीके से अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व ही जारी किया गया था। वही RECRUITMENT - Recruitment JrJAs for RHC JAs for RSLSA and DLSAs and Clerks Grade II for RSJA and District Courts 2020 के तहत निकाली गई भर्ती के अंतर्गत अभ्यर्थियों के परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व जारी नहीं किया जाना एक बड़े भ्रष्टाचार होने की और संकेत कर रहा है। 
    आप देखेंगे तो पाएंगे की हमारे देश में सरकारी नौकरीयों के लिए भर्ती का आयोजन करने वाली सभी एजेंसीया जैसे आरपीएससी, यूपीएससी, एसएससी एवं आरएसएमएसएसबी आदि सभी लिखित परीक्षा के बाद परीक्षा में सम्मिलित हुए सभी अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को ऑनलाइन जारी करती है, उसके बाद ही टाइपिंग टेस्ट और साक्षात्कार आदि का आयोजन किया जाता है। जबकि राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए अभ्यर्थियों के प्राप्तांको (Statement of Marks) को जारी किये बिना ही सीधे टाइपिंग टेस्ट का आयोजन करना उक्त परीक्षा के आयोजन की प्रक्रिया और उसके नीति नियमों की सरेआम धज्जिया उड़ा रहा है।  
   उक्त परीक्षा में सम्मिलित हुए कुछ अभ्यर्थियों का कहना है की उक्त परीक्षा के आयोजन से पूर्व ही परीक्षा के पेपर भी ऑउट हो गए थे, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता की बात करना बेमानी होगी। वही कुछ लोगो का कहना है कि राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा यूवाओं से परीक्षा आयोजन के नाम से फ़ीस वसूलना और उसके बाद मनमर्जी से परीक्षा में प्राप्त अंकों (Statement of Marks) को टाइपिंग टेस्ट से पूर्व जारी नहीं करना उनके सवैंधानिक अधिकारों का सरेआम उल्लंघन है। यह की इस सम्बन्ध में मीडिया द्वारा हाई कोर्ट के परीक्षा नियंत्रक और प्रशासन से संपर्क करने पर वह इन प्रश्नों से बचते दिखाई दिए।

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