खुले झूलते तारों से अपनी रक्षा खुद करें, सरकार खुद किसी ओर के भरोसे है

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खुले झूलते तारों से अपनी रक्षा खुद करें, सरकार खुद किसी ओर के भरोसे है

हाईटेंशन लाईनो से जान का खतरा तो कही शार्ट सर्किट से लाइन फॉल्ट से कई घरों में हो रहा नुकसान
   बांसवाड़ा/कुशलगढ/राजस्थान।। बांसवाड़ा जिले के कई क्षेत्रों में रखरखाव के नाम पर बिजली गुल करना विध्युत विभाग के लिए आम हो चला है। कुछ समय पहले जिले में विध्युत की माकूल व्यवस्था के लिए विध्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही जवाबदेय माने जाते थे। जिले में आने वाले बिजली सम्बंधित किसी भी फॉल्ट के लिए कभी क्षेत्र विशेष के कर्मचारी की गलती तो कभी कर्मचारियों की कमी तो कभी कुछ नहीं तो मौसम पर ही अपनी अकर्मण्यता का ठीकरा फोड़ दिया जाता है। वही अब लोगो के जागरूक होने से सरकार ने व्यवस्थाओं में उचित सुधार लाने के लिए जिले में लाईट व्यवस्था को सही बनाए रखने के लिए सिक्योर मीटर नामक निजी कंपनी की भी एंट्री करवा दी की अब जिले में लाईट के नाम से किसी को रोना नहीं पड़ेगा।
 
    हिंदुस्तान के कई बड़े महानगरों में लाईटों की कोई सी भी लाईन हो लेकिन सरकार की चौकसी के कारण हर वायर ज़मीदोज़ कर दिया गया है। आप महानगरों में भूले से भी कही खुले हाईटेंशन लाइनों के वायर देख नहीं पाएगें। वही राजस्थान के सुदूरवर्ती दक्षिणी जिले में नेता भिखारियों की तरह वोट लेने तो आ जाते है लेकिन जनता की जानमाल को कैसे बचाए इस बात से उनका कोई सरोकार नहीं है। आप देखेंगे कि जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की हाईटेंशन विध्युत लाईने जिनमे 11 केवी, 33 केवी, 10 हज़ार केवी की लाईने मौत के समान आपको आसानी से झूलती नज़र आ ही जाएगी। कई जगह तो हालात ऐसे है कि वह कब किस पर आ गिरे कुछ कहा नहीं जा सकता।
   बांसवाड़ा के उदयपुर रोड से हाऊसिंग बोर्ड रोड की ओर आप जाएंगे तो आपको एक ही सार्वजनिक रोड पर 11 केवी, 33 केवी और 10 हज़ार केवी की लाईनो के दर्शन आसानी से हो जाएगें। अपने निजी जीवन में उलझी जनता बमुश्किल से समय निकाल कर हिम्मत जुटा कलेक्टर को इस सम्बन्ध में सूचित भी करती है, और कलेक्टर साहब विद्युत विभाग को उसे सूचनार्थ प्रेषित भी कर देते है। 
   लेकिन वही विध्युत विभाग उस परिवेदना पत्र को कचरे के डब्बे में फेक देता है। बस सुनवाई किसी की नहीं होती सरकार इन सब से बेखबर बन अपने बचे हुए कार्यकाल में कहा से और कितनी मलाई चाट ले उसमे लगी रहती है तो वही प्रशासन और विभाग भी उस दिन के इतंज़ार में बैठा है जब कोई लाईन गिरेगी तब देखा जाएगा। क्योंकि यह काम करें कौन इस काम में रिश्वत का पैसा किसी से मिलना नहीं और अगर कोई दुर्घटना में मर जाए तो इन्हे कुछ फर्क पड़ना नहीं। 
    रोएगा तो वह जिसका अपना इन हादसों में बेमौत मारा जाता है। सरकार का क्या है वह घड़ियाली आंसू बहाते हुए दुर्घटना में मृत व्यक्ति को 5 लाख रूपये का मुआवज़े के चैक में लपेटने आ जाएगी, लेकिन लाख दो लाख में सरकार, प्रशासन और विभाग से यह व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाएगी। 
  अभी तो बारिश के मौसम की शुरुआत भी नहीं हुई है लेकिन जिले के कई क्षेत्रों में अभी से ही हालत दयनीय हो चले है जिले के ही कुशलगढ उपखंड के खेडा धरती घाटा क्षेत्र के मोहकमपुरा कस्बे के तरालिया रोड स्थित 33/11 सब स्टेशन मोहकमपुरा मे शनिवार रात्रि को आई आंधी से 11 केवी लाइन मे शार्ट सर्किट और फॉल्ट होने से अधिकांश घरो मे बिजली उपकरण जल गये। 
लाइन चलाने बायपास से डाले तार
    जानकारी अनुसार तरालिया मार्ग पर ही हरिजन बस्ती के समीप यूकेलिप्टस के पेड से केबल टकराने और अर्थ का तार फेज से मिलने के कारण लाइन फाल्ट हो गया, जिसमे मोहकमपुरा निवासी मांगुसिंह पिता कालुसिंह, महेश पिता नंदलाल, विकास पडियार, गोरधन पिता नानालाल, मोतीसिंह चावडा, नानालाल डोड, मनोहर चावडा सहित अन्य कई घरो मे बिजली बल्ब से लेकर पंखे, कूलर, फ्रीज, कंप्रेशर सहित अन्य विद्धुत उपकरण जल गये। इस संबध मे जागरुक उपभोक्ता महेश टेलर की और से आनलाइन शिकायत दर्ज कराते हुए अधिशासी अभियंता को भी जानकारी दी गयी। 
    ग्रामीणो ने बताया कि मोहकमपुरा जी एस एस करीब दस वर्ष पूर्व स्थापित होकर चार फीडर है जहां वर्तमान मे दो लाइन मैन के अलावा तीन ठेका कर्मी कार्यरत है बारिश पूर्व रखरखाव के नाम पर गांव मे पेडो की छंटनी करने पर ध्यान नही देने से उपभोक्ताओ का भारी नुकसान हुआ है जिसके लिए सर्वे कर सहायता दिलाने की भी मांग की है।
जीएसएस रखरखाव के नाम पर राम भरोसे, कभी भी हो सकता है बडा हादसा
दस साल पहले बना भवन हुआ नकारा
    कुशलगढ का मोहकमपुरा जी एस एस सब स्टेशन राम भरोसे है बताया जाता कि है करीब दस साल पूर्व स्थापित सब स्टेशन से चार फिडर तरालिया,मोहकमपुरा, बस्सी और बावलियापाडा संचालित है जहा पिछले चार माह से तरालिया और बावलियापाडा फीडर की वीसीबी तकनीकी खराबी के चलते बंद पडी है जिससे कार्मिक जान जोखिम मे डालकर बायपास तार डालकर लाइने चलाने को मजबूर है परिसर मे चार दिवारी भी जगह जगह टूट चुकी है जिससे मवेशी भी घुसने से बडे हादसे की संभावना है। 
मौके पर जगह जगह टूटी चारदिवारी
   मौके पर भवन जर्जर होकर खिडकी दरवाजे पूरी तरह टूट चुके है मौके पर यहा इस कारण से लाइन मैन भी मुख्यालय पर नही रहकर ठहराव नही है ठेका कर्मिको के भरोसे लाइन संचालित है मौके पर ठेका कर्मी करण और जगदीश ने बताया कि दरवाजे टूटे होने से आए दिन सामान चोरी हो जाता है। 
सब स्टेशन पर खराब पडी वीसीबी
   वही सभी समस्याओ को लेकर संबधित लाइन मैन द्वारा अधिकारियो को अवगत करा चुके है लेकिन ध्यान नही दिया जा रहा है इस बारे मे सहायक अभियंता केसी जाजोरिया ने बताया कि मोहकमपुरा जी एस एस पर खराब वीसीबी को सुधारवाने के साथ डेमेज परकोटे और भवन की मरम्मत के लिए मौके पर सीवील इंजीनियर को बुलाने के बाद काम करवाने का प्रयास किया जाएगा। 

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