वकीलों का बड़ा सवाल मदरसों और मस्जिदों में गैर मुस्लिमों के प्रवेश पर आखिर क्यों है रोक?

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वकीलों का बड़ा सवाल मदरसों और मस्जिदों में गैर मुस्लिमों के प्रवेश पर आखिर क्यों है रोक?

कन्हैया लाल के हत्यारों की वकीलों ने कर दी कुटाई, 72 हूरों के पास जन्नत भेजने की थी तैयारी
लात-घूसों से धुना, चप्पल-जूते से भी पिटाई: कोर्ट परिसर में ‘मारो-मारो’ कहते दौड़ी भीड़, फाड़ डाले कपड़े
जयपुर में पेशी के दौरान कन्हैयालाल के हत्यारों पर फूटा वकीलों का गुस्सा
Kanhaiyalal's killers thrashed by angry lawyers
 जयपुर/उदयपुर/राजस्थान।। राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल साहू की निर्मम हत्या से देश में कितना आक्रोश है, इसकी ताज़ा झलक जयपुर की एनआईए कोर्ट के बाहर देखने को मिली। जानकारी अनुसार हत्या से जुड़े चारो आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जब एनआईए कोर्ट में पेशी के बाद वापस लाया जा रहा था, उस समय कोर्ट के बाहर भीड़ अचानक आक्रामक हो गयी और उन्होंने सभी आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी। इन मुस्लिम आतंकवादीयो को मौके पर मौजूद आक्रोशित वकीलो ने कुत्ते की तरह धोकर रबड़ जैसा ढीला कर डाला। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो मौके पर घटना को लेकर लोगो में इतना भारी आक्रोश था कि वह उन जिहादी मुस्लिम आतंकवादीयो को कुटाई कर सीधे ही 72 हूरों के पास जन्नत भेजना चाहते थे। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मौके पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था।  
Kanhaiyalal's killers thrashed by angry lawyers
  बताते चले की जिस समय इन आतंकवादियों ने एक निर्दोष हिन्दू कन्हैयालाल की धोखे से हत्या कर लाइव विडिओ बनाते हुए छुरों का प्रदर्शन कर यह बताने की कोशिश की थी की वह किसी से नहीं डरते, वही यह जिहादी कन्हैया की हत्या करने के बाद डर के मारे भाग खड़े हुए। क्योंकि उन जिहादियों को पता था कि अब उन्हें उनका ऊपर वाला वाला भी बचा नहीं सकता। वही जैसे ही ये आतंकवादी वकीलों के हत्थे चढ़े तो उनकी मुस्लिम धर्म के प्रति जिहादी कट्टरता को वकीलों ने मौके पर ही उन्हें कूटकर उनकी जिहादी सोच को उनके पिछवाड़े में ही घुसेड़ दिया। मौके पर आक्रोशित कई वकीलों का कहना था की मोदी सरकार को तुरंत प्रभाव से भारत में मदरसों, मस्जिदों और अंजुमन इस्लामिया जैसी संस्थाओं को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए क्यों की ऐसी जगहों पर मुस्लिम कट्टरपंथी सिर्फ आतंकवादी पैदा करते है, जो सरेआम धर्म के नाम पर बेकसूर हिन्दुओं की हत्या करते है। वकीलों का कहना था कि हिंदुस्तान के किसी भी धर्म का व्यक्ति देश में बने किसी भी मंदिरों में सीधे प्रवेश कर सकता है, लेकिन मदरसों और मस्जिदों अन्य मुस्लिम संस्थाओं में गैर मुस्लिम के प्रवेश पर आखिर रोक क्यों है? क्योंकि मुस्लिमों के ये धार्मिक स्थल ही आतंकवादियों को तैयार करने की एक फैक्टरी के रूप में काम कर रहे है, सरकार से अनुदान और चंदा लेकर अंदर ही अंदर ये आतंकवादी संगठन हिन्दुओं के खात्मे की तैयारी कर रहे है।
 आक्रोशित वकीलों का कहना था की देश में जितने भी कट्टरपंथी मुस्लिम फेब्रिकेशन, वेल्डिंग सहित आयरन इंजीनियरिंग के अवैध रूप से कारखाने और दुकाने चला रहे है, वह सब सिर्फ हिन्दुओं का क़त्ल करने के लिए घातक हथियार बना रहे है। आपको बता ते चले की सदियों पहले गुरुगोबिंद सिंह साहब ने भी कहा था की यदि आप अपने दोनो हाथो को तेल में भिगोकर यदि उन्हें किसी तिलों से भरे हुए किसी ड़िब्बे में पुरे उतार दे फिर जितने भी अनगिनत आपके हाथ में तिल चिपक जायेगें, यदि उतनी बार भी कोई मुस्लिम आपको विश्वास दिलवाये की वह सही है तब भी उसकी बात का और उसकी जात का कभी विश्वास मत करना क्योंकि यह एक जिहादी आतंकवादियों की कौम है जो सिर्फ गैर मुस्लिमों का क़त्ल करना चाहती है।       
वकीलो का आक्रोश फांसी की मांग करते हुए कोर्ट में घुसे  
 आपको बता दे कि एक निर्दोष हिन्दू की इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा की गई जघन्य हत्या से वकील इतने आक्रोशित हो गए की मौके पर उन्हें संभालना भारी हो गया। जानकारों का कहना है कि कोर्ट परिसर में आरोपियों को देखते ही लोग आक्रोशित हो गए। पहले तो करीब 5 घंटे तक लगातार नारेबाजी होती रही। वकील फांसी की मांग करते हुए कोर्ट में घुस गए तो सुनवाई रूम का दरवाजा बंद करना पड़ा, लेकिन जब आरोपी बाहर निकले तो जूते, चप्पल और डंडों से उनकी जमकर ठुकाई कर दी गई। जब उन्हें पुलिस की गाड़ियों में चढ़ाया जा रहा था तभी लोग पुलिस की सुरक्षा के बीच उन्हें पीटते नजर आए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें खींचकर गाड़ी में बैठाया और रवाना किया।
जिहादी आतंकवादी 12 जुलाई तक एनआईए की कस्टडी में 
  गौरतलब है कि सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को 12 जुलाई तक एनआईए की कस्टडी में भेज दिया। इससे पहले एनआईए ने एटीएस से सभी दस्तावेजी सबूत एकत्र किये। इसके बाद कन्हैयालाल हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों मोहम्मद रियाज अख्तरी, गौस मोहम्मद और उनके साथी आसिफ और मोहसिन सहित चारों आरोपियों को एनआईए और एटीएस के दल ने अदालत में पेश किया। सुरक्षा कारणों से अदालत और शहर के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आरोपितों की सुरक्षा में मद्देनजर अदालत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। NIA की टीम भी मौके पर मौजूद थी। कानूनी प्रक्रियाओं के बाद दोनों आरोपितों को 12 जुलाई तक NIA की कस्टडी में भेज दिया गया।
Kanhaiyalal's killers thrashed by angry lawyers
  इस बीच न्यायालय ने दोनों आरोपितों को 10 दिन के लिए NIA की रिमांड पर भेज दिया है। यह वाकया आज 2 जुलाई 2022 (शनिवार) का है। 
मुस्लिम आतंकवादियों को पुलिस ले गई अपने साथ
  पिटाई के वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस चारों को भीड़ से बचाने का प्रयास कर रही है। इस दौरान वकीलों की पुलिस से धक्कामुक्की भी होती है। काफी शोर-शराबे के बीच आखिरकार चारों को जैसे-तैसे पुलिस वाहन में लाद कर पुलिस अपने साथ ले गई। इस दौरान भीड़ की तरफ से मारो-मारो की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। रिमांड के लिए आज इनकी पेशी जयपुर के विशेष राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) कोर्ट में थी। यह मामले फ़िलहाल सीबीआई कोर्ट संख्या 1 में ही सुने जा रहे हैं।
  एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक चारों आरोपितों के कपड़े फाड़ दिए गए हैं। आरोपितों पर जूते चप्पलों से हमला किया गया। चारों को चोटें भी आई हैं। इन सभी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। चारों को बचाते हुए कुछ पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं जिनको प्राथमिक उपचार दिया गया है।
 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपितों की सुरक्षा में मद्देनजर अदालत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। NIA की टीम भी मौके पर मौजूद थी। कानूनी प्रक्रियाओं के बाद दोनों आरोपितों को 12 जुलाई तक NIA की कस्टडी में भेज दिया गया। दोनों को कोर्ट से ले जाते समय वकीलों की भीड़ ने अचानक आरोपितों पर हमला बोल दिया और चारों की लात-घूसों से पिटाई कर दी।

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