भगवान शनिदेव की मूर्ति ने खोलीं आंखें, वीडियो बनाने वाला खुश, चिंता में पुजारी
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भगवान शनिदेव की मूर्ति ने खोलीं आंखें, वीडियो बनाने वाला खुश, चिंता में पुजारी

कैमरे में कैद हुआ नजारा शुभ या अशुभ के संकेत ?
  मुरैना/मध्यप्रदेश।। मुरैना जिले के ऐंती पर्वत पर स्थित त्रेतायुगीन शनि मंदिर में चमत्कार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के मुताबिक शनिदेव की बंद आंखों वाली प्रतिमा की आंखें कुछ सैकेंड के लिए खुली हुई वहां मौजूद दर्शनार्थियो को दिखाई दी। वीडियो बना रहे श्रद्धालु ने अचंभित होकर मोबाइल हटाकर प्रतिमा को देखा तब भी शनिदेव की आंखें खुली हुई थी। वायरल वीडियो में खुली आंखों के साथ भगवान शनिदेव की प्रतिमा पूर्ण रूप से काली दिखाई दे रही है। वही शनिदेव के इस चमत्कार को देखकर धर्मप्रेमी व श्रद्धालु चर्चा कर रहे हैं कि खुली आंखों के साथ क्रोध की मुद्रा से भगवान शनि के कोप का कौन भाजन बनेगा अथवा किस पर कृपा होगी?
Murena Shanidev
 बताते चले कि यह मंदिर ग्वालियर के नजदीक मुरैना जिले में स्थित है और यहां पर हर साल लाखों लोग दर्शन करने के लिए पहुंचते है। शनि अमावस्या पर बीस से पच्चीस लाख श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते है। शनि प्रतिमा के अचानक आंखें खोलने को चमत्कार माना जा रहा है। वही धर्म और अध्यात्म विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने भी निकाल रहे हैं।
एक भक्त ने आंखे देखीं तो चौंक पड़ा
  मुरैना के ऐंती पर्वत पर स्थित त्रेतायुगीन शनि मंदिर में भगवान शनिदेव की बंद आंखों वाली प्रतिमा की आंखें कुछ सैकेंड के लिये खुली हुई श्रद्धालु को दिखाई दीं। वीडियो बना रहे श्रद्धालु ने अचंभित होकर मोबाइल हटाकर प्रतिमा को देखा तब भी आंखें खुली हुई थी। हालांकि प्रतिमा के पास खड़े पुजारी और सैकड़ों श्रद्धालु इस दृश्य से महरूम रहे। वायरल वीडियो में खुली आंखों के साथ भगवान शनिदेव की प्रतिमा पूर्ण रूप से काली दिखाई दे रही है। 
मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक ने देखा यह चमत्कार
  भगवान शनि की खुली आंखों वाला यह वायरल वीडियो बनाने वाला युवक अशोक परिहार है, जो भिण्ड जिले की लहार तहसील के ग्राम रहावली का रहने वाला है। मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक है और वर्तमान में ग्वालियर जिले में पदस्थ है। अशोक बीते दस वर्षों से हर शनिवार ऐंती मन्दिर पर भगवान शिव के दर्शन करने जाते रहे हैं। वे 31 दिसंबर को सपरिवार और मित्रों के साथ दर्शन करने गए और दर्शन के समय मोबाइल से वीडियो बनाने लगे।
  इस बीच उन्होंने देखा तो चौंक पड़े की मोबाइल स्क्रीन में कैद हो रही शनि प्रतिमा की दोनों आंखें खुली हुईं है। वे घबरा गए क्योंकि प्रतिमा की आंखें तो बंद है। उन्होंने तुरंत अपनी नजर मोबाइल से हटाकर प्रतिमा पर डाली तो उन्हें उसमें भी आंखें खुली दिखी। उन्होंने यह बात पास ही खड़े पुजारी और अन्य लोगों को बताई तो उन्हें आंखे बंद ही दिखीं। लेकिन जब परिहार ने उन्हें वीडियो दिखाया तो वे भी चौंक पड़े। इसमें प्रतिमा की दोनों आंखें खुलीं थीं। परिहार इस बात से अत्यंत प्रसन्न हैं कि शनि भगवान ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए हैं।
गुस्से में दिख रहे हैं शनि देव
  इस ऐतिहासिक मंदिर की देखरेख करने वाले महंत शिवराम दास त्यागी का कहना है कि मैंने वह वीडियो देखा है। अगर यह सही है और इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है, तो इसमें शनिदेव गुस्से में दिख रहे है जो चिंता का विषय हो सकता है। यहां ऐसे चमत्कार जब-जब हुए तब तब कोई न कोई घटना जरूर हुई। दो दशक पहले यहां शाम के समय प्रतिमा की आंखों से तेज रोशनी हुई थी। उसके बाद शनिचरी अमावस्या पर ग्वालियर से श्रद्धालुओं को लेकर आ रही विशेष ट्रेन में भीषण दुर्घटना की शिकार हो गई थी। उनका कहना है कि वीडियो में वे क्रोधित मुद्रा में है। उनका कहना है कि यहां शनि तपस्या के लिए आये है और अपनी पत्नी के शाप के कारण वे आंख नहीं खोलते, लेकिन अगर उन्होंने आंख खोली है तो अनिष्ट की आशंका हो ही जाती है, क्योंकि शनि की दृष्टि ही फलितार्थ तय करती है।
पुजारी बोले, मुझे नहीं दिखी
  इस मौके पर मंदिर के पुजारी रोहित पचौरी भी वहां मौजूद थे। उनका कहना है कि उन्हें प्रतिमा की खुली आंखें नहीं दिखीं, लेकिन जब उन्हें आरक्षक ने वीडियो भेजा तब उन्हें पता चला तो वे यह चमत्कार देख चौंक भी गए और चिंतित भी हो गए। इससे अनिष्ट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कई दशकों से मंदिर में आश्रय लिये बाबा शिवरामदास त्यागी महाराज ने वीडियो देखने के बाद कहा कि वीडियो से अगर छेड़छाड़ नहीं हुई है तब अनिष्ट की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। 2022 के अंतिम दिवस 31 दिसंबर को अपरान्ह 4 बजे दर्शन करने के बाद श्रद्धालु ने गर्भगृह के बाहर वीडियो बनाया। इस दौरान ही उसे आंखें खुली दिखाई दीं। श्रद्धालु इसे अपने लिये शुभ संकेत मान रहा है।
त्रेता कालीन है यह शनि मंदिर
 मुरैना के ऐती पर्वत पर स्थित यह शनि मंदिर अति प्राचीन है। इसे त्रेता कालीन माना जाता है और इसकी ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत मान्यता है। यही बजह है कि हर शनिवार यहां हजारों और शनि अमावस्या को लाखों श्रद्धालु देश दुनिया से यहां दर्शन और शनि अनुष्ठान करने पहुंचते हैं।
  शिवरामदास त्यागी महाराज ने वीडियो देखने के बाद कहा कि वीडियो से अगर छेड़छाड़ नहीं हुई है, तब अनिष्ट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। वर्ष 2022 के अंतिम दिवस 31 दिसंबर को अपरान्ह 4 बजे दर्शन करने के बाद श्रद्धालु ने गर्भगृह के बाहर वीडियो बनाया। इस दौरान ही उसे आंखें खुली दिखाई दीं। श्रद्धालु इसे अपने लिये शुभ संकेत मान रहा है।
  मुरैना के विश्व प्रसिद्ध ऐती पर्वत पर स्थित यह शनि मंदिर अति प्राचीन है। इसे त्रेता कालीन माना जाता है और इसकी ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत मान्यता है। कहा जाता है कि शनि मंदिर की यह प्रतिमा काफी अलौकिक है और यह किसी भी मनुष्य के द्वारा नहीं बनाई गई है। इसके साथ ही यह भी मान्यता है कि प्रभु हनुमान जी ने जब शनिदेव को लंका से फेंका था तो इसी पर्वत पर आकर गिरी थी और तब से यही पर शनिदेव विराजमान है।साथ ही एक और मान्यता है कि शनि सिगनापुर में जो शनिदेव की शिला यहीं से गई है, क्योंकि आधी शिला आज यहां पर रखी हुई है। यही वजह है कि हर शनिवार यहां हजारों और शनि अमावस्या को लाखों श्रद्धालु देश दुनिया से यहां दर्शन और शनि अनुष्ठान करने पहुंचते हैं।

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