श्री सरकार की भूमि पर अवैध कब्ज़ा, मामला पहुंचा राज्यपाल तक
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श्री सरकार की भूमि पर अवैध कब्ज़ा, मामला पहुंचा राज्यपाल तक

  बांसवाड़ा/राजस्थान।। भारतीय ट्रायबल पार्टी की ओर से बीटीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विजयभाई मईडा के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल महोदय को जिला कलेक्टर बांसवाड़ा के माध्यम से ज्ञापन दिया गया जिसमें घाटोल विधानसभा क्षेत्र के गनोड़ा तहसील ग्राम जैताजी का गड़ा में खसरा नंबर 883/321 रकबा 0.20 हेक्टेयर भूमि पर आदिवासियों के पितृदेव की स्थापना उनके पूर्वजों के द्वारा कई दशकों पूर्व से स्थापित किया हुआ है। उसी स्थान पर 0.20 हेक्टेयर भूमि श्री सरकार के नामें हैं, उस स्थान पर पीतृ बावसी का चबूतरा भी बना हुआ है जिसकी पूजा अर्चना करने के लिए समस्त ग्रामवासी समय-समय पर पहुंचते हैं। 
  मईड़ा ने बताया कि उक्त भूमि पर कतिपय लोगों द्वारा चबूतरे के चारों तरफ चार दिवारी का निर्माण कर दिया गया है, कोई व्यक्ति पूजा अर्चना के लिए पहुंचता है तो वह लोग जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर, डराने धमकाने का काम करते है, जिससे आदिवासियों की धार्मिक भावना को आघात पहुंचाया जा रहा है। वही उस स्थान पर बने चबूतरे को भी तोड़ दिया गया है।
 
  मईड़ा का कहना है कि पूर्व में कई बार तहसीलदार व उपखंड अधिकारी को ग्रामवासियों द्वारा इस विषय पर अवगत कराया गया है, लेकिन किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया गया। वही सीमांकन आदेश होने के बावजूद उस भूमि का सीमांकन नहीं भी किया जा रहा है, वही उक्त दबंगई के द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। 
  मईड़ा ने किसी भी दिन आदिवासी समाज के लोगों के साथ में अनहोनी होने की संभावना जताते हुए कहा है कि उक्त भूमि पर कई दशकों पूर्व से चार मकान बने हुए हैं, जिस पर वह अपना निवास करते हैं, उनको भी उठाने के लिए बार-बार वर्ग विशेष के दबंगाई के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे संपूर्ण आदिवासी समाज में आक्रोश व्याप्त है। वही उनकी जन भावनाओं को देखते हुए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की गई है, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। मईड़ा ने कहा कि इस अवैध कब्जे को नहीं हटाने पर आदिवासी समाज एवं बीटीपी जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी, उसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की रहेगी। 
  इस अवसर पर ज्ञापन देते समय उपस्थित ब्लाक महासचिव राजेंद्र डोडियार, शंकर दायमा, रणछोड़ दायमा, तेज किरण चरपोटा, कमलेश चरपोटा, योगेश डोडियार, कपिल डोडियार, योगेश भगोरा, दीपक कटारा, ललिता बेन, धापू बेन, आशा, मनीषा, सुरेंद्र डोडियार आदि सामाजिक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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