समान नागरिक संहिता के विरोध में कई जनजातीय मोर्चों ने दिया ज्ञापन
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समान नागरिक संहिता के विरोध में कई जनजातीय मोर्चों ने दिया ज्ञापन

  बांसवाड़ा/राजस्थान।। जिले में भारतीय ट्रायबल पार्टी, भारतीय ट्रायबल टाइगर सेना, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद एवं विभिन्न संगठनों के द्वारा जिला कलेक्टर बांसवाड़ा के माध्यम से सदस्य सचिव विधि आयोग, नई दिल्ली के नाम समान नागरिक संहिता के विरोध में ज्ञापन दिया गया। 
    जिले के विभिन्न राजनैतिक जनजातीय मोर्चो का मानना है कि समान नागरिक संहिता लागू होने एवं यूनिफॉर्म सिविल कोड से आदिवासियों की रूढ़ी प्रथा, कस्टमरी लॉ, संवैधानिक अधिकार 13, 3 क, 244, 1, पांचवी, छठवीं अनुसूची पर गहरा संकट आ जाएगा, जिससे आदिवासियों के विशेष मौलिक अधिकार खत्म कर दिए जाएंगे।  
  जनजातीय मोर्चो के अनुसार उनकी बसी हुई पुरखों की भौगोलिक, रूढ़ी, परंपरा, संस्कृति, जीवनशैली, सभ्यता पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। पांचवी से छठी अनुसूची व प्रतिनिधित्व आरक्षण भी खत्म हो जाएगा। इसी मांग को लेकर विभिन्न जनजातीय संगठनों के द्वारा समान नागरिक संहिता का बहिष्कार करते हुए ज्ञापन दिया गया।  
  ज्ञापन देते समय बीटीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विजय भाई मईडा, प्रदेश महासचिव बसंत गरासिया, जिलाध्यक्ष देवचंद्र मावी, बीटीटीएस जिलाध्यक्ष नारायण निनामा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के दिनेश भाई, बीटीपी ब्लॉक अध्यक्ष मानसिंह, दीपक कटारा, धीरजमल, प्रमिला खराड़ी, विजयपाल कटारा, महंत रणछोड़ दास, दिनेश भूरिया, शानू भाई, देवीलाल, रमेश पणदा आदि कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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