वेदांता का देश के विकास में बड़ा योगदान: 10 वर्षों में सरकारी खजाने में दिए 4.83 लाख करोड़
नई दिल्ली।। दिग्गज माइनिंग और मेटल्स ग्रुप वेदांता लिमिटेड ने गुरुवार को अपनी ताजा 'टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट' जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों (एक दशक) में कंपनी ने राष्ट्रीय खजाने (National Exchequer) में कुल 4.83 लाख करोड़ ($4.83 ट्रिलियन) का भारी-भरकम योगदान दिया है।
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में वेदांता द्वारा सरकार को किया गया भुगतान 13.3% बढ़कर 62,722 करोड़ पर पहुंच गया। यह कंपनी के इतिहास में सरकार को दिया गया दूसरा सबसे बड़ा सालाना योगदान है।
कमाई का 36% हिस्सा गया सरकार के पास
वेदांता द्वारा सरकार को दिए गए इस योगदान में टैक्स, रॉयल्टी, ड्यूटी, प्रॉफिट पेट्रोलियम और अन्य वैधानिक भुगतान शामिल हैं। यह राशि कंपनी के इस साल के कुल रेवेन्यू (Consolidated Revenue) का लगभग 36 प्रतिशत है।
कंपनी ने बताया कि जिंक, एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, आयरन ओर, स्टील और पावर जैसे डाइवर्सिफाइड बिजनेस पोर्टफोलियो के शानदार प्रदर्शन की वजह से यह मुकाम हासिल हुआ है।
वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार मुनाफा
रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता ने बिजनेस के मोर्चे पर भी जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है:
कुल रेवेन्यू (Revenue): 1.74 लाख करोड़ (पिछले साल से 15% ज्यादा)
EBITDA (कामकाजी मुनाफा): 55,976 करोड़ (29% की बढ़ोतरी)
शुद्ध मुनाफा (Profit After Tax): 25,096 करोड़ (22% की बढ़ोतरी)
टैक्स और रॉयल्टी का पूरा गणित
कंपनी ने सरकारी खजाने में किस मद में कितना पैसा दिया, इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| भुगतान का प्रकार | राशि (करोड़ में) |
| अप्रत्यक्ष कर (Indirect Taxes) | 21,777 करोड़ |
| सरकारी रॉयल्टी और प्रॉफिट पेट्रोलियम | 14,840 करोड़ |
| इनकम और कैपिटल टैक्स | 8,290 करोड़ |
| अन्य टैक्स (इंपोर्ट-एक्सपोर्ट ड्यूटी, ऑयल सेस आदि) | 11,897 करोड़ |
इन राज्यों को मिला रॉयल्टी का फायदा
वेदांता ने देश के कई खनिज-समृद्ध राज्यों को बॉक्साइट, लेड-जिंक, सिल्वर, आयरन ओर, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस जैसे संसाधनों के लिए भारी रॉयल्टी चुकाई है। इन राज्यों में राजस्थान, ओडिशा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक और असम शामिल हैं।
किस बिजनेस से आया सबसे ज्यादा योगदान?
अगर सेक्टर के हिसाब से देखें, तो वेदांता के अलग-अलग बिजनेस ने इस प्रकार योगदान दिया:
जिंक (Zinc): 19,053 करोड़ (सबसे बड़ा योगदानकर्ता)
एल्युमिनियम (Aluminium): 15,788 करोड़
ऑयल एंड गैस (Oil & Gas): 11,697 करोड़
इसके अलावा, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Ltd) में भारत सरकार की 27.92% हिस्सेदारी है। इसके जरिए सरकार को इस साल 1,180 करोड़ का डिविडेंड (लाभांश) भी मिला है।
पारदर्शिता के वैश्विक मानक: वेदांता हर साल अपनी 'टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट' जारी करता है। कंपनी का कहना है कि उनके ये खुलासे वैश्विक जिम्मेदार टैक्स और एक्सट्रैक्टिव इंडस्ट्री रिपोर्टिंग सिद्धांतों के बिल्कुल अनुकूल हैं।

