नारी शक्ति की मिसाल: कुशलगढ़ की बेटी डॉ. धूति त्रिवेदी ने अमेरिका तक बजाया भारत का डंका, डेंगू वैक्सीन निर्माण में निभाया ऐतिहासिक योगदान
बांसवाड़ा / राजस्थान :
"कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो..."
"लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।"
इंसान के मन में अगर अटूट विश्वास, जुनून और कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हो, तो बड़ी से बड़ी मुसीबतें भी घुटने टेक देती हैं। भारत की इस पावन धरा पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आज प्राइम न्यूज नेटवर्क अपनी इस विशेष कवरेज के ज़रिए पाठकों के सामने नारी शक्ति के एक ऐसे ही अदम्य साहस और सफलता की गाथा पेश कर रहा है, जिसने न केवल राजस्थान और भारत, बल्कि अमेरिका में भी देश का मान बढ़ाया है।
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के बांसवाड़ा जिले स्थित कुशलगढ़ कस्बे के श्री गिरीशचंद्र दामोदर प्रसाद त्रिवेदी की सुपुत्री डॉ. धूति त्रिवेदी की। डॉ. धूति आज के दौर में संपूर्ण नारी शक्ति के लिए सफलता और प्रेरणा की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरी हैं।
डेंगू जैसी घातक बीमारी की वैक्सीन बनाने में निभाई अहम भूमिका
चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. धूति त्रिवेदी ने प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में उत्कृष्ट कार्य करते हुए डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी की वैक्सीन तैयार करने में जो अद्वितीय योगदान दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। उनकी इस ऐतिहासिक प्रतिभा को आधिकारिक मान्यता तब मिली, जब यह वैक्सीन भारत और दुनिया भर के चिकित्सा बाज़ारों में आम जनमानस के लिए एक जीवनदायिनी उम्मीद बनकर उपलब्ध हुई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
चिकित्सा जगत में प्रेरणा का स्रोत
मासूम सुंदरता की धनी और हंसमुख मिज़ाज की मालिक डॉ. धूति को आज चिकित्सा जगत में किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित कर दिखाया है कि लगन हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं है।
कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के ग्राम छोटी सरवा (खेड़ा धरती घाटा) निवासी समाजसेवी देवेंद्र कुमार जोशी ने डॉ. धूति के योगदान पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा:
"डॉ. धूति त्रिवेदी का यह योगदान इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनकी इस असाधारण सफलता से प्रेरणा लेकर देश की अनगिनत बेटियां और नारी शक्ति सफलता के नए आयाम गढ़ेंगी।"
डॉ. धूति त्रिवेदी आज भारत माता की एक ऐसी होनहार और प्रतिभाशाली लाडली बनकर उभरी हैं, जिनकी सफलता हर भारतीय नारी के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त कर रही है।

