RERA का बड़ा एक्शन: ALD इंफ्राटेक पर चला कानूनी चाबुक, जिला कलेक्टर करेंगे संपत्ति नीलाम कर पाई-पाई की वसूली
जयपुर । राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RAJ-RERA) ने नियामक आदेशों की अवहेलना करने वाले और उपभोक्ताओं का पैसा अटकाकर गायब रहने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रेरा कोर्ट ने 2 साल पुराने फैसले की लगातार अनदेखी करने वाली प्रमोटर कंपनी 'एएलडी इंफ्राटेक' के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दिया है।
सदस्य सुधीर कुमार शर्मा की पीठ ने मामले को संबंधित जिला कलेक्टर को सौंपते हुए निर्देश दिए हैं कि भू-राजस्व बकाया (Land Revenue Dues) की तर्ज पर बिल्डर की संपत्तियों को कुर्क और नीलाम करके आवंटी की रकम वसूल की जाए।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला पीड़िता देबयानी रॉय द्वारा दायर निष्पादन याचिका (Execution Application) से जुड़ा है:
अटका पैसा: आवंटी ने अपने आशियाने के लिए ₹6,94,955 जमा कराए थे।
कब्जे में देरी: अनुबंध के अनुसार दिसंबर 2019 तक फ्लैट का कब्जा देना था, जो नहीं दिया गया।
रेरा का मूल आदेश (5 जून 2024): रेरा ने प्रमोटर को निर्देश दिया था कि वह मूल राशि (₹6.95 लाख) पर दिसंबर 2019 से 10.85% वार्षिक ब्याज सहित 45 दिनों में भुगतान करे।
बिल्डर की मनमानी: 2 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने न तो आवंटी को भुगतान किया और न ही अदालत में कोई जवाब पेश किया।
अदालत में जोरदार बहस और सख्त टिप्पणी
निष्पादन अर्जी पर सुनवाई के दौरान आवंटी की ओर से एडवोकेट चेतना ने वीसी (Video Conferencing) के जरिए दलीलें रखीं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रमोटर जानबूझकर अदालती आदेश की अवहेलना कर रहा है।
प्रमोटर पक्ष की गैर-हाजिरी पर रेरा बेंच ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय तक कोई कदम न उठाना यह दर्शाता है कि बिल्डर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहा है।
अब आगे क्या होगी कार्रवाई?
रेरा सदस्य सुधीर कुमार शर्मा ने RERA एक्ट, 2016 की धारा 40(1) के तहत आदेश जारी किए हैं:
रिकवरी सर्टिफिकेट: प्रमोटर 'एएलडी इंफ्राटेक' के खिलाफ तत्काल रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।
कलेक्टर को निर्देश: जिला प्रशासन प्रमोटर के बैंक खातों को सीज करने के साथ-साथ उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की और नीलामी करेगा।
सख्त संदेश: रेरा का यह कदम उन प्रमोटरों के लिए चेतावनी है जो अदालती आदेशों को अनदेखा कर आवंटियों के हक पर डाका डालते हैं।

