शिक्षा योजनाओं में कटौती पर भड़के टीकाराम जूली, बोले— "शिक्षित बेटियों से डरती है भाजपा सरकार"
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और सरकारी प्राथमिकताओं पर तीखा हमला बोला है। राज्य में गिरते शैक्षणिक स्तर और बालिकाओं से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं में हो रही कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बेटियों की शिक्षा और उनके अधिकारों को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा मूल रूप से एक जागरूक और शिक्षित समाज से डरती है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति सतर्क बनाती है, उसमें सही और गलत का फर्क करने तथा सत्ता से तीखे सवाल पूछने की क्षमता पैदा करती है। यही कारण है कि सरकार ऐसी योजनाओं पर लगातार कैंची चला रही है, जो बेटियों को स्कूल तक पहुँचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती हैं।
प्रमुख योजनाओं में कटौती पर उठाए सवाल
निःशुल्क साइकिल योजना में कटौती: कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए संचालित साइकिल योजना के नियमों में बदलाव कर इसे केवल खाद्य सुरक्षा (NFSA) परिवारों तक सीमित कर दिया गया है। इस फैसले के चलते लगभग 90 हजार (28 प्रतिशत) छात्राएं इस सुविधा से वंचित हो जाएंगी। साथ ही, इसके बजट में भी 40 करोड़ रुपये की बड़ी कटौती की गई है।
मेधावी छात्राओं के पुरस्कार में कटौती: 'इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार' (वर्तमान में पद्माक्षी पुरस्कार) के तहत 12वीं की मेधावी छात्राओं को मिलने वाली 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और स्कूटी के प्रावधान को घटा दिया गया है। अब इसे घटाकर महज 75 हजार रुपये कर दिया गया है और स्कूटी का प्रावधान पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
शिक्षक सम्मान की संख्या घटी: राज्य स्तर पर शिक्षकों के सम्मान के आंकडे़ में भी भारी कमी की गई है। पूर्व में सम्मानित होने वाले 1,374 शिक्षकों की संख्या को समेटकर अब केवल 189 कर दिया गया है।
जर्जर स्कूल भवनों पर आपराधिक लापरवाही का आरोप
प्रदेश में स्कूलों के बुनियादी ढाँचे की बदहाली को रेखांकित करते हुए टीकाराम जूली ने थानागाजी के जोधावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन और टूटी पट्टियों के साये में बेटियां पढ़ने को मजबूर हैं और अपने अधिकारों के लिए धरना दे रही हैं। झालावाड़ के पीपलोदी में हुई दुखद घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि आए दिन जर्जर भवनों की भयावह तस्वीरें सामने आने के बावजूद सरकार नींद से जागने को तैयार नहीं है, जो कि उसकी आपराधिक लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
आगे का रुख
नेता प्रतिपक्ष ने माँग की है कि सरकार बेटियों की शिक्षा में की गई बजट कटौतियों को तत्काल वापस ले, बंद की गई सुविधाओं को बहाल करे और जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराकर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

