बिल्डरों को RERA की कड़ी चेतावनी: विज्ञापनों में छुपा RERA नंबर और धुंधला QR कोड पड़ा भारी, NS कंस्ट्रक्शंस पर लगा ₹25,000 का जुर्माना
जयपुर। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RAJ-RERA) ने भ्रामक विज्ञापनों और खरीदारों से प्रोजेक्ट की विधिक जानकारी छिपाने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। RERA चेयरपर्सन वीनू गुप्ता ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 'सूर्य' प्रोजेक्ट के प्रमोटर NS Constructions को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया और उन पर ₹25,000 का जुर्माना ठोका है।
क्या है पूरा मामला?
अखबारी विज्ञापन पर कार्रवाई: मामला 25 जनवरी 2026 को 'दैनिक भास्कर' (जयपुर संस्करण) में प्रकाशित आवासीय प्रोजेक्ट 'सूर्य' (RERA Registration No: RAJ/P/2025/4223) के विज्ञापन से जुड़ा है।
तकनीकी चालाकी पकड़ी गई: RERA की लीगल व स्क्रूटनी विंग की जांच में सामने आया कि विज्ञापन में RERA वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन नंबर और QR कोड इतने सूक्ष्म थे कि उन्हें आंखों से पढ़ना या मोबाइल से स्कैन करना असंभव था।
कारण बताओ नोटिस: अधिनियम की धारा 9, 11(2), धारा 61 और रेरा विनियम, 2024 के विनियम 14 के तहत प्रमोटर को नोटिस जारी किया गया।
सुनवाई और फैसला
प्रमोटर का तर्क खारिज: प्रमोटर के वकील ने इसे सद्भावना में दिया गया विज्ञापन बताया, लेकिन चेयरपर्सन वीनू गुप्ता ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि विधिक जानकारी का स्पष्ट न होना उपभोक्ताओं के सूचना के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
अन्य दो पक्ष बरी: मामले में शामिल 'नेस्टफोर्ज बिल्डर्स' और 'वाटिका इंफोटेक सिटी' ने स्पष्ट किया कि उनका इस विज्ञापन से कोई संबंध नहीं है, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
15 दिन की मोहलेट: प्रमोटर NS Constructions को आदेश अपलोड होने के 15 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि सरकारी खाते में जमा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
RERA का संदेश: विज्ञापनों में पारदर्शी जानकारी छिपाने या धुंधले QR कोड छापने की तकनीकी चालाकी अब बिल्डरों पर भारी पड़ेगी। खरीदारों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

