सीबीआई का बड़ा एक्शन: बिल पास कराने के एवज में रिश्वत ले रहे 5 रेलवे अफसरों समेत 7 गिरफ्तार, ₹9 लाख कैश बरामद
जयपुर/बीकानेर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अधिकारियों और 2 निजी कंपनियों के कर्मचारियों समेत कुल 7 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 13 अगस्त को जयपुर और बीकानेर में चलाए गए इन ट्रैप ऑपरेशनों के दौरान सीबीआई ने कुल 2.66 लाख रुपए की रिश्वत की राशि के साथ ₹9 लाख का कैश और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
पहला मामला (जयपुर मुख्यालय): ₹1.46 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
एनडब्ल्यूआर जयपुर मुख्यालय के कार्यालय अधीक्षक पर नवी मुंबई की एक निजी कंपनी के लंबित बिलों को पास कराने और अनुकूल फाइल प्रोसेसिंग के एवज में घूस मांगने का आरोप था। सीबीआई ने जाल बिछाकर 1.46 लाख रुपए की रिश्वत लेते समय आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जयपुर और दिल्ली में ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान ₹9 लाख नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
संगीता कुमारी: कार्यालय अधीक्षक, एनडब्ल्यूआर, जयपुर
एस.एन. बैरवा: सहायक वित्तीय सलाहकार (AFA), एनडब्ल्यूआर, जयपुर
सुनील कुमार संघी: वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी (Sr. SO), एनडब्ल्यूआर, जयपुर
गौरव गुप्ता: कर्मचारी, मैसर्स दिनेश इंजीनियर्स लिमिटेड (नवी मुंबई)
दूसरा मामला (बीकानेर मंडल): बिल भुगतान के नाम पर खेल
दूसरा मामला एनडब्ल्यूआर बीकानेर मंडल का है, जहाँ कोलकाता की एक निजी फर्म द्वारा कराए गए कार्यों के बिल भुगतान की एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। सीबीआई टीम ने रणनीति बनाकर 1.20 लाख रुपए की रिश्वत की रकम के साथ आरोपियों को दबोच लिया।
इसके बाद बीकानेर और जयपुर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर डिजिटल सबूत और दस्तावेज कब्जे में लिए गए।
गिरफ्तार आरोपी:
राजेंद्र चौधरी: वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी (Sr. SO), एनडब्ल्यूआर, बीकानेर
राकेश कुमार: अकाउंट असिस्टेंट, एनडब्ल्यूआर, बीकानेर
नवल किशोर: कर्मचारी, मैसर्स एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड (कोलकाता)
सीबीआई ने सभी सातों आरोपियों को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (POC Act) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में रेलवे के अन्य संदिग्ध अधिकारियों और निजी कंपनियों की साठगांठ की जांच की जा रही है।

