उदयपुर के आश्रम में मानवता शर्मसार: 10 साल की मासूम से दरिंदगी, पूर्व शिक्षक की सजगता से खुला घिनौना राज
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के एक आश्रम में मासूमियत को तार-तार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। आश्रम में रह रही 10 वर्षीय असहाय बालिका के साथ संचालिका के भाई द्वारा निरंतर दुष्कर्म और यौन शोषण करने का खुलासा हुआ है। बालिका की गुहार के बावजूद संचालिका ने आरोपी पर कार्रवाई करने के बजाय मासूम को चुप करा दिया। इस घिनौने कृत्य का पर्दाफाश एक पूर्व शिक्षक की सजगता से हुआ, जिसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज करवाया है।
मां के साए के बाद पिता ने भी छोड़ा अकेला मासूम बालिका की मां का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका था। पिता के अत्यधिक शराब का आदी होने के कारण करीब 6 महीने पहले वह बच्ची को आश्रम में अकेला छोड़कर चला गया था और इसके बाद उसने कभी मुड़कर सुध नहीं ली।
शिक्षक की सतर्कता से टूटी चुप्पी 5 अगस्त को बच्ची को पूर्व में पढ़ाने वाले एक शिक्षक आश्रम में उससे मिलने और जरूरी सामान देने पहुंचे। शिक्षक को देखते ही बालिका फूट-फूट कर रोने लगी और अपने साथ हो रहे यौन शोषण की आपबीती सुनाई। शिक्षक ने बिना देरी किए तत्परता दिखाते हुए 'चाइल्ड हेल्पलाइन' को सूचित किया। इसके बाद 6 अगस्त को टीम ने आश्रम पहुंचकर बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया और CWC के समक्ष प्रस्तुत कर राजकीय बालिका गृह भिजवाया।
काउंसलिंग में छलका दर्द: "मुझे वहां वापस मत भेजना" बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष यशोदा पणिहार के अनुसार, काउंसलिंग के दौरान सहमी हुई बालिका बिलख-बिलख कर गुहार लगाती रही कि उसे किसी भी हाल में वापस उस आश्रम न भेजा जाए। बालिका ने बताया कि आरोपी अकेला पाकर उसके साथ घिनौनी हरकतें करता था। जब उसने आश्रम संचालिका से शिकायत की, तो मदद करने के बजाय उसकी बात को अनसुना कर दिया गया। समिति के कड़े निर्देशों के बाद 13 अगस्त को संबंधित थाने में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई।
जिला पुलिस अधीक्षक खुद पहुंचीं बालिका गृह, लिए बयान मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने खुद राजकीय बालिका गृह का दौरा किया। उन्होंने पीड़िता से मुलाकात कर उसके बयान दर्ज किए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी के समक्ष भी बालिका ने आश्रम संचालिका की लापरवाही उजागर की। पुलिस अधीक्षक ने मामले में त्वरित, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त से सख्त पॉक्सो (POCSO) व दुष्कर्म की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई का पूर्ण आश्वासन दिया है।

