’क्या होता अगर...’: 2024 चुनाव में कमला हैरिस की जीत और अमेरिका का एक काल्पनिक परिदृश्य
वाशिंगटन: 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नया बहस का दौर शुरू हो गया है। कमला हैरिस के समर्थकों का दावा है कि यदि चुनाव का परिणाम अलग होता, तो आज अमेरिका और वैश्विक राजनीति की तस्वीर पूरी तरह से भिन्न नजर आती।
समर्थकों के अनुसार, यदि हैरिस राष्ट्रपति बनतीं, तो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति में निम्नलिखित बड़े बदलाव देखने को मिल सकते थे:
डोनाल्ड ट्रंप और कानूनी जवाबदेही: समर्थकों का मानना है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद की संवैधानिक ढाल का लाभ उठाने के बजाय विभिन्न कानूनी मामलों और अदालती कार्रवाइयों का सामना कर रहे होते।
वैश्विक तनाव और जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर यह तर्क दिया जा रहा है कि हैरिस के नेतृत्व में मध्य पूर्व के कूटनीतिक संबंधों में अधिक स्थिरता होती और हॉरमुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सैन्य तनाव कम देखने को मिलता।
यूक्रेन-रूस संघर्ष: हैरिस प्रशासन के तहत अमेरिका का रुख यूक्रेन के प्रति अधिक रक्षात्मक और सहयोगी बना रहता, जिससे यूक्रेन युद्धभूमि में मजबूत स्थिति में होता।
घरेलू अर्थव्यवस्था और ईंधन के दाम: अमेरिकी परिवारों के बजट पर राहत का दावा करते हुए समर्थकों का कहना है कि पेट्रोल/गैस की कीमतें $3 प्रति गैलन से नीचे बनी रहतीं, जिससे दैनिक खर्चों का दबाव कम होता।
वैश्विक साख और सहयोगी देश: समर्थकों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक प्रशासन नाटो (NATO) और पारंपरिक सहयोगी देशों के साथ संबंधों को मजबूत कर वैश्विक मंच पर अमेरिकी नेतृत्व की विश्वसनीयता को पुनस्थापित करता।
एक अनसुलझा राजनीतिक सवाल
हालांकि, ये सभी दावे एक 'काल्पनिक परिदृश्य' (Alternate Reality) पर आधारित हैं और इन्हें साबित करना संभव नहीं है। इसके बावजूद, यह बहस अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है: क्या 2024 के जनादेश ने अमेरिका का भविष्य हमेशा के लिए बदल दिया?

