निकाय चुनाव में खपाने थे लाखों के जाली नोट: जयपुर में बांग्लादेशी कनेक्शन वाले 'नकली नोट' गैंग का पर्दाफाश, कांग्रेस नेता का बेटा 3 साथियों संग गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस की स्पेशल टीम (CST) और बजाज नगर थाना पुलिस ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के जाली नोट तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 500-500 रुपये के कुल 861 जाली नोट (कुल कीमत 4,30,500 रुपये) बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता व वरिष्ठ नेता आरसी चौधरी के बेटे साहिल चौधरी का नाम सामने आया है, जिसे उसके तीन अन्य साथियों के साथ दबोचा गया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तार बांग्लादेश की राजधानी ढाका से जुड़े हुए हैं और इस खेप का इस्तेमाल राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 के दौरान चुनावी गतिविधियों और बाजारों में करने की साजिश थी।
लग्जरी गाड़ियों से तस्करी, नाकाबंदी में धरे गए आरोपी
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि शहर में लग्जरी गाड़ियों के माध्यम से जाली मुद्रा की बड़ी सप्लाई लाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बजाज नगर थाना पुलिस और स्पेशल टीम ने शुक्रवार देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान संदिग्ध फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो गाड़ियों को रोककर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। गाड़ियों से 4.30 लाख रुपये मूल्य के 500 रुपये वाले नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने मौके से साहिल चौधरी (निवासी फतेहपुर, सीकर / हाल जयपुर) और हरियाणा के रोहतक निवासी तीन अन्य आरोपियों—अंशुल, प्रियांशु और आकाश को तुरंत हिरासत में ले लिया।
ढाका से कोलकाता और रोहतक होते हुए जयपुर पहुंची खेप
मामले का खुलासा करते हुए स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने प्रेसवार्ता में बताया कि जाली नोटों की छपाई बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुई थी।
तस्करी का रूट: ढाका (बांग्लादेश) $\rightarrow$ सीमा पार कर पश्चिम बंगाल (कोलकाता) $\rightarrow$ रोहतक (हरियाणा) $\rightarrow$ जयपुर (राजस्थान)।
मुख्य सरगना: नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड रोहतक निवासी अमन राणा बताया जा रहा है, जो कोलकाता और बांग्लादेश के तस्करों के संपर्क में रहकर इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहा है।
'1 लाख के बदले 5 लाख': निकाय चुनाव को निशाना बनाने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में गिरोह का खतरनाक इरादा सामने आया है। यह गैंग '1 लाख रुपये के असली नोट के बदले 5 लाख रुपये के नकली नोट' का एक्सचेंज मॉडल चला रहा था। आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 को देखते हुए इस जाली मुद्रा को स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों, एजेंटों और बाजार में खपाया जाना था। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि जयपुर में यह खेप किन-किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
मामले पर गरमाई सियासत
वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बेटे की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है:
भाजपा का रुख: भाजपा नेताओं ने इसे देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध करार देते हुए कहा कि पुलिस को बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही तंज कसा कि राजनीतिक दलों को अपने नेताओं के पारिवारिक आचरण पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस की सफाई: कांग्रेस पार्टी की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि कानून सभी के लिए बराबर है और पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत अपराध के लिए पूरे संगठन को जोड़ना सही नहीं है।
फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले रही है, ताकि राजस्थान में फैले इनके नेटवर्क का पूरी तरह से खात्मा किया जा सके।


