मुंबई जा रहे दो परिवारों पर टूटा कहर; 150 की रफ्तार में अनियंत्रित होकर खाई में गिरीं कारें, 4 की मौत

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: 2 कारें 30 फीट गहरी खाई में गिरीं; सास-बहू समेत 4 की मौत, 8 गंभीर

रतलाम (मध्य प्रदेश) : विकास के प्रतीक कहे जाने वाले 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह रफ्तार का जानलेवा तांडव देखने को मिला। रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार दो अनियंत्रित कारें लोहे की सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए 20 से 30 फीट गहरी खाई में जा गिरीं। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार की सास-बहू समेत 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा या ओवरस्पीडिंग का शिकार? एक्सप्रेस-वे पर खाई में पलटीं दो कारें, सास-बहू समेत 4 ने तोड़ा दम

हादसा इतना वीभत्स था कि दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और शव खाई में बिखर गए। सूचना मिलते ही पुलिस व एक्सप्रेस-वे पेट्रोलिंग टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार: 150 km/h से अधिक थी रफ्तार

यह हादसा रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम भीमपुरा के पास माही नदी ब्रिज से ठीक पहले हुआ। दिल्ली से मुंबई की ओर जा रही महिंद्रा XUV 700 (MH03 EL 1388) में पंजाब और गुजरात के दो परिवार सवार थे, जो मुंबई में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।

  • संतुलन बिगड़ा: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति संभवतः 150 किमी/घंटा से अधिक थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से कार पहले डिवाइडर से टकराई, फिर उछलकर एक्सप्रेस-वे की रेलिंग तोड़ती हुई खाई में जा गिरी।

  • दूसरी कार भी शिकार हुई: पहली गाड़ी को गिरता देख पीछे से आ रही एक अन्य तेज रफ्तार कार के चालक ने अचानक ब्रेक लगाने का प्रयास किया। रफ्तार तेज होने के कारण वह गाड़ी भी अनियंत्रित होकर उसी खाई में पहली कार के ऊपर जा पलटी।

हादसे का विवरण और स्थिति

  • मृतक: सास-बहू समेत कुल 4 लोगों की मौके पर मौत (शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है)।

  • घायल: 8 लोग (महिलाएं एवं बच्चे शामिल)। बाजना स्वास्थ्य केंद्र और रतलाम जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद 3 गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है।

  • वाहन: पंजाब व गुजरात से मुंबई की ओर जा रहे दो परिवार।

निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के सुगम और सीधे मार्ग पर ओवरस्पीडिंग लगातार हादसों का कारण बन रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, भीमपुरा गांव के पास स्थित यह मोड़ पहले भी दुर्घटनाओं का केंद्र रहा है।

  1. साइन बोर्ड का अभाव: मोड़ पर गति सीमा (Speed Limit) दर्शाने वाले पर्याप्त बोर्ड नहीं हैं।

  2. रेलिंग की मजबूती: लोहे की सुरक्षा रेलिंग तेज रफ्तार वाहनों का प्रभाव झेलने में असमर्थ साबित हो रही है।

  3. निगरानी प्रणाली: ओवरस्पीडिंग को रोकने के लिए एनएचएआई (NHAI) की ओर से गति नियंत्रण के कड़े उपाय लागू करने की आवश्यकता रेखांकित हुई है।

अपील: सड़क पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन अवश्य करें। आपकी थोड़ी सी सतर्कता किसी परिवार की खुशियां उजड़ने से बचा सकती है।

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