उज्जैन में अशांति फैलाने की बड़ी साजिश नाकाम: पथराव के आरोपी हिरासत में, शहर काजी की अपील भी दरकिनार कर की गई थी हिंसा
उज्जैन : बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन की शांति और सौहार्द को भंग करने की एक बड़ी साजिश को उज्जैन पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। पथराव और क्षणिक तनाव के बाद अब शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।
प्राइम न्यूज की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि यह घटना किसी सामान्य आपसी झड़प का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी।
शहर काजी की अपील को भी किया अनसुना
घटना के दौरान जब तनाव बढ़ने लगा, तो शहर काजी ने स्वयं आगे आकर अमन और शांति बनाए रखने की सार्वजनिक अपील की थी। हालांकि, माहौल बिगाड़ने पर आमादा उपद्रवियों ने धर्मगुरु और शहर काजी की इस अपील को भी पूरी तरह दरकिनार कर दिया और जानबूझकर पथराव कर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मुख्य आरोपी हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया। पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं कमान संभालते हुए शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया।
CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पथराव में शामिल मुख्य अराजक तत्वों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है।
साइबर सेल सक्रिय: अफवाह फैलाने वाले रडार पर
शहर का माहौल भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा कस गया है। साइबर सेल की मदद से ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित कर संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि भ्रामक खबर या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या फंडिंग से रची गई साजिश?
जांच का सबसे अहम पहलू अब इस षड्यंत्र के पीछे के मुख्य वित्तपोषकों और मास्टरमाइंड को बेनकाब करना है। पुलिस इस बिंदु पर गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस घटना को अंजाम देने के लिए बाहर से कोई फंडिंग या प्रोत्साहन मिला था। सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर जल्द ही कुछ बड़े चेहरों का खुलासा हो सकता है।
स्थिति पूर्णतः सामान्य, महाकाल दर्शन सुचारू
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की सतत निगरानी और शांति की अपीलों के बाद शहर में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर लौट आया है। सभी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं।
महाकाल लोक और बाबा महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, इसलिए देश-विदेश से आने वाले भक्त बिना किसी संकोच के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

