2 करोड़ रिश्वत कांड में सनसनीखेज मोड़: ASP पर छापेमारी के दौरान सोने की घड़ी, बैंगल और DVR गायब करने का गंभीर आरोप; 30 सितंबर का दिया था अल्टीमेटम
उदयपुर : राजस्थान पुलिस को शर्मसार करने वाले उदयपुर के चर्चित 2 करोड़ रुपये रिश्वत कांड में एक नया और बेहद संगीन मोड़ सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गिरफ्तार एएसपी मुकेश कुमार सोनी और उनके कथित दलाल सज्जन सिंह जैन की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। मामले के शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा ने एएसपी पर छापेमारी के दौरान घर से कीमती जेवर और सीसीटीवी का DVR गायब करने का सीधा आरोप लगाया है।
अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सिर्फ रिश्वतखोरी तक सीमित न रहकर पद के दुरुपयोग, चोरी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने जैसी संगीन धाराओं के तहत एक बड़ा आपराधिक मामला बन जाएगा।
6–7 लाख रुपये का सोना और DVR कहां गया?
शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा के अनुसार, SOG की टीम ने जब उनके आवास पर छापा मारा था, तब वहां से महंगी सोने की घड़ी, महिलाओं के सोने के बैंगल और सीसीटीवी का DVR जब्त किया गया था। इन सामानों की कुल कीमत लगभग 6 से 7 लाख रुपये बताई जा रही है।
25 अगस्त को जमानत पर रिहा होने के बाद जब मोगरा ने घर पहुंचकर जब्ती की आधिकारिक सूची देखी, तो उसमें इन तीनों सामानों का कोई उल्लेख नहीं था। स्टाफ से पूछताछ करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला और मामला टाल दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल: क्या DVR को इसलिए रिकॉर्ड से गायब किया गया ताकि छापेमारी के दौरान हुई गतिविधियों की सच्चाई सामने न आ सके? क्या उसमें रिश्वत की डील या जब्ती से जुड़ी कोई अहम रिकॉर्डिंग थी?
कार में हुई 2 करोड़ की डील और 30 सितंबर की डेडलाइन
मामले की पृष्ठभूमि में शिकायतकर्ता ने बताया कि दलाल सज्जन सिंह जैन ने शुरुआत में केस हल्का करने और जब्त सामान लौटाने के एवज में 1 करोड़ रुपये की मांग की थी। इनकार करने पर दलाल ने अपनी कार में वार्ता के दौरान मांग बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी और दावा किया कि यह रकम सीधे एएसपी के लिए है।
दलाल ने चेतावनी दी थी कि यदि 30 सितंबर से पहले रकम नहीं दी गई, तो उन्हें दोबारा जेल भेज दिया जाएगा और पूरे परिवार को केस में फंसा दिया जाएगा। इस धमकी के बाद शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की शरण ली, जिसने जाल बिछाकर दलाल और एएसपी मुकेश कुमार सोनी को गिरफ्तार किया।
ACB जांच का दायरा बढ़ा: दो अलग-अलग एंगल से होगी पड़ताल
शिकायतकर्ता की नई शिकायत मिलने के बाद ACB ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब जांच मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर केंद्रित होगी:
2 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी: एएसपी और दलाल की सीधी संलिप्तता और पैसों की मांग।
जब्ती रिकॉर्ड से सामान गायब करना: सोने के जेवर व DVR को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज न करने का मामला।
ACB अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान तैयार किए गए पंचनामे और वीडियोग्राफी की गहन समीक्षा की जाएगी। साक्ष्य सही पाए जाने पर आरोपियों पर अतिरिक्त आपराधिक धाराएं जोड़ी जाएंगी।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस घटनाक्रम के बाद उदयपुर से लेकर जयपुर तक प्रशासनिक और पुलिस गलियारों में खलबली मच गई है। SOG जैसी विशेष एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी पर लगे इन आरोपों से पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) से निष्पक्ष जांच, गायब सामान की बरामदगी और न्याय की गुहार लगाई है।

