23,740 संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की मांग: शिक्षा विभाग से प्रक्रिया शुरू करने की गुहार, डीएम को सौंपा ज्ञापन
बांसवाड़ा। राजस्थान के शिक्षा विभाग में संविदा रूल्स-2022 के तहत कार्यरत पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने अपने नियमितीकरण की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में संविदाकर्मी नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्री पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कार्मिकों ने राजस्थान सरकार से 'CSR Rules 2022' के बिंदु संख्या 20 के तहत तुरंत नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की पुरजोर मांग की है।
बजट घोषणा के बावजूद अटकी प्रक्रिया
ज्ञापन के जरिए कार्मिकों ने बताया कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में संविदाकर्मियों के अनुभव संबंधी पात्रता में 2 वर्ष की शिथिलता (छूट) देने की घोषणा की थी। इस संबंध में विभागीय आदेश भी जारी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर अब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। प्रक्रिया में हो रही इस देरी के कारण प्रदेशभर के लगभग 23,740 संविदा कार्मिकों में भारी असंतोष और निराशा व्याप्त है।
अनुभव की शर्त पूरी, राहत की आस
प्रदर्शन कर रहे कार्मिकों ने बताया कि वे पूर्व में ग्राम पंचायत सहायक के रूप में सेवा दे रहे थे और वर्तमान में संविदा रूल्स-2022 के अंतर्गत पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक के पदों पर लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार द्वारा बजट में दी गई छूट के बाद अब सभी कार्मिक आवश्यक अनुभव अवधि की पात्रता को पूरी तरह से पूरा करते हैं।
संविदाकर्मियों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि वर्षों से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे इन हजारों कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवारों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

