ट्रैफिक कांस्टेबल ने 18 साल से बिछुड़े युवक को उसके परिवार से मिलाया

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  मुंबई।। कौन कहता है कि पुलिस वालों के सीने में दिल नहीं धड़कता। इसकी मिसाल है ठाणे ट्रैफिक पुलिस की नारपोली यूनिट में तैनात कांस्टेबल नामदेव हिमगिरी। नामदेव ने एक ऐसे युवक को उसके परिवार से मिला दिया, जो 18 साल पहले बिछुड़ गया था। उस वक्त उसकी उम्र महज़ 6 साल थी। इस कॉन्सटेबल ने युवक को उसके परिवार से मिलाने को अपना मिशन बना लिया था। इसके लिए नामदेव हर हफ्ते अपनी साप्ताहिक छुट्टी के दिन निकलते थे।
    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नारपोली के वडापाव स्टाल पर 24 वर्षीय लाहू किसन गोगरकर काम कर रहा था। उसी इलाके में कांस्टेबल नामदेव की तैनाती थी। नामदेव की लाहू से जानपहचान हुई तो उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में पूछा। लाहू ने बताया कि जब वो 6 साल का था तो परिवार से बिछुड़ गया था। उसे अपने गांव और परिवार के सदस्यों का नाम भी नहीं पता था।
    नामदेव के अनुसार लाहू ने उसे बताया कि बचपन में गायों के तबेले में काम करने की उसे याद है। वहां एक नदी, पहाड़ियां और घर के पास मंदिर भी था। नामदेव ने इस तरह की जगह की सोशल नेटवर्किंग साइट पर तलाश शुरू कर दी लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। लाहू ने ये भी बताया कि उसके गांव के पास एक हाईवे भी था।
    महीनों तक लाहू के गांव की तलाश करने के बाद दोनों एक हाईवे पर पहुंचे जहां पास ही विठ्ठल मंदिर था। लाहू ने नामदेव को बताया कि उसे धुंधला धुंधला याद आ रहा है कि उसका शुरुआती बचपन ऐसी ही जगह पर बीता था।
    नामदेव ने गांववालों से बात की तो पता चला कि एक लड़का बरसों पहले गुम हुआ था। इस तरह नामदेव की मेहनत रंग लाई और वो लाहू के माता-पिता के घर तक पहुंच गए।
   ठाणे ट्रैफिक पुलिस डिप्टी कमिश्नर रश्मि करानदिकर ने नामदेव की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘हमारे पुलिस कांस्टेबल ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ एक बिछुड़े लड़के को बरसों बाद उसके परिवार से मिला दिया। ये सुनिश्चित किया जाएगा कि कांस्टेबल को उसके इस पुनीत काम के लिए उपयुक्त इनाम दिलाया जाए।‘
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