वैज्ञानिकों ने ह्यूमन स्टेम सेल को मास्टर सेल बनाकर फिर इन्हें कार्टिलेज सेल में बदल दिया। लैबोरेटरी में बने इस कार्टिलेज को छोटी बॉल की शेप दी गई। जिसके बाद इसे कान की शेप देकर प्लास्टिक बैग में रखकर चूहे की पीठ पर लगाया गया। दो महीने बाद बैग घुल गया और चूहे की पीठ पर कान उग आए। वैज्ञानिकों का मानना है कि दूसरी चीजों के अलावा लीविंग ऑर्गन होने की वजह से ट्रांसप्लांट का यह तरीका काफी बेहतर है। साथ ही इसमें ह्यूमन सेल की थोड़ी सी मात्रा की जरूरत होती है। इसी तरह लंदन में डॉक्टरों ने आदमी के हाथ पर नाक बनाने में कामयाबी हासिल की है।
जापानी वैज्ञानिकों ने चूहे की पीठ पर उगा दिए आदमी के कान
3:29 PM
वैज्ञानिकों ने ह्यूमन स्टेम सेल को मास्टर सेल बनाकर फिर इन्हें कार्टिलेज सेल में बदल दिया। लैबोरेटरी में बने इस कार्टिलेज को छोटी बॉल की शेप दी गई। जिसके बाद इसे कान की शेप देकर प्लास्टिक बैग में रखकर चूहे की पीठ पर लगाया गया। दो महीने बाद बैग घुल गया और चूहे की पीठ पर कान उग आए। वैज्ञानिकों का मानना है कि दूसरी चीजों के अलावा लीविंग ऑर्गन होने की वजह से ट्रांसप्लांट का यह तरीका काफी बेहतर है। साथ ही इसमें ह्यूमन सेल की थोड़ी सी मात्रा की जरूरत होती है। इसी तरह लंदन में डॉक्टरों ने आदमी के हाथ पर नाक बनाने में कामयाबी हासिल की है।
