
इनका गुनाह है की इन्होने हिब्रू भाषा सीखी है
असहिष्णुता पर भौकने वाले इस मुस्लिम प्रोफेसर के साथ किये गये व्यहार पर चुप क्यों है ??
ये है जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में हिब्रू भाषा के प्रोफेसर डा. खुर्शीद आलम .. इनकी गलती सिर्फ यही है की इन्होने यहूदियों की भाषा हिब्रू में पीएचडी की है और हिब्रू भाषा के प्रोफेसर है ...
इनकी कहानी कुछ अखबारों में छपी है इन्हें मुस्लिम- यहूदियों और इजरायल का एजेंट कहते है .. इन्हें जामा मस्जिद में नमाज पढने नही दिया जाता .. हैदराबाद में इनके उपर मुस्लिमो ने पत्थर फेके थे ..देवबंद ने भी इनके खिलाफ फतवा जारी किया हुआ है ... ये मुस्लिमो के लिए अछूत बन चुके है क्योकि इनका गुनाह है की इन्होने हिब्रू भाषा सीखी है |
बिहार के गोपालगंज के मूल निवासी खुर्शीद आलम इजरायल के जेरूसलम के "हिब्रू युनिवर्सिटी ऑफ़ जेरूसलम" से हिब्रू में पीएचडी किये हुए है ..और दस सालो तक इजरायल में प्रोफेसर भी रहे है .. इसलिए मुस्लिम इन्हें इजरायल का एजेंट मानते है ..
आज ऐसे हालत हो गये है की इनकी आठ साल की बेटी भी कहती है पापा हम मुसलमान होते हुए भी मुसलमानों के लिए इतने नफरत वाले क्यों बन चुके है ..
