

जनता इन दो सालों में जितनी दुःखी उतनी कभी नहीं हुई जयपुर।। प्रदेश का शहरी विकास पिछले दो सालों में अवरुद्ध हुआ है। इच्छा शक्ति के अभाव के साथ ही नीति निर्माण व क्रियान्वयन का स्तर निम्न रहा। शहरी विकास के लिए पूर्ववर्ती समय से चली आ रही जवाहरलाल नेहरू अरबन रिन्यूवल मिशन एवं यूआईडीएसएसएमटी में स्वीकृत योजनाओं को लम्बित रखा गया और अब जाकर अमृत योजना के नाम से योजनाओं की डीपीआर फिर से बनाई जा रही है जिससे शहरी क्षेत्रों का विकास ठप्प होने के साथ ही डीपीआर बनाने में जनता के पैसे का दुरुपयोग होगा। कांग्रेस की विगत् सरकार द्वारा मालपुरा कस्बे में स्वीकृत पेयजल के दो उच्च जलाशयों का, भाजपा सरकार द्वारा आज तक निर्माण तक पूरा नहीं करवाया जा सका है, जो साबित करता है कि इस सरकार में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति लचर है।
उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने आज टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में गाँधी चौक पर तथा टोडारायसिंह कस्बे की पुरानी कृषि मण्डी कटला पर आयोजित कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित चुनावी सभाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। श्री पायलट ने कहा कि भाजपा के राज में ग्रामीण विकास के साथ ही शहरी क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के निर्माण में अनदेखी चरम पर रही है। सडक़, नाली व सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता सरकारी रवैये से त्रस्त है। भाजपा सरकार ने प्रदेश में बीस हजार किलोमीटर सडक़ को पीपीपी मोड़ पर बनाने का वादा पिछले बजट में किया था परन्तु अब स्थितियां ऐसी हो गई कि सरकार को एन्यूटी के आधार पर काम के लिए कम्पनियों को तैयार करना पड़ रहा है और अब तक मात्र सात हजार किलोमीटर सडक़ों का चिन्हिकरण ही हो पाया है। उन्होंने कहा कि मालपुरा राजधानी के निकटतम कस्बों में से एक है। जब मालपुरा की सडक़ों की बदहाल है तो प्रदेश के अन्य शहरों के क्या हालात होंगे, आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गत् समय में हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में जिस प्रकार अनैतिक प्रक्रिया अपना करके बोर्डो पर कब्जा किया है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है जिसका खुलासा भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधियों स्वयं ही सार्वजनिक किया गया है। भाजपा सरकार जनादेश की भावना के खिलाफ काम कर रही है। श्री पायलट ने उपस्थित जनसमूह से मालपुरा के विकास को सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों को विजयी बनाने का आह्वान किया।
