देहरादून से रातों रात गायब हो गई शक्तिमान की मूर्ति !

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   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सरकार की आंखों का तारा शक्तिमान रातों रात गायब हो गया है. शक्तिमान पर मुख्यमंत्री हरीश रावत की हुई किरकिरी के बाद विधानसभा चौक पर रिस्पना पुल के निकट लगाई गई मूर्ति को हटवा दिया गया है.
     सूत्रों की मानें तो मूर्ति को देर रात पुलिस की मदद से हटाकर पुलिस लाइन में छिपाया गया है. एनएच ने इसे स्थापित किया था और इसका लोकार्पण किये जाने की तैयारी थी. एमडीडीए को साज सज्जा का काम सौंपा गया था. लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही लोगों की नाराजगी से ऐसा किया गया था.
     गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही विधानसभा तिराहे पर बाकायदा शक्तिमान की मूर्ति स्थापित की गई थी. इस चौक का नाम अब शक्तिमान चौक होगा. इससे पहले पुलिस लाइन में मुख्यद्वार, अस्तबल, पार्क और पेट्रोल पंप का नामकरण शक्तिमान के नाम पर किया जा चुका है.
       इसी तिराहे पर इस साल 14 मार्च को भाजपा के विधानसभा कूच के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस के घोड़े शक्तिमान को चोट आई थी और बाद में उसकी मौत हो गई. घायल शक्तिमान को बचाने के सभी संभव प्रयास किए गए थे. आरोप भाजपा विधायक गणेश जोशी पर लगे थे. उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.
अमेरिका से उसके लिए कृत्रिम पांव भी मंगाया गया मगर 20 अप्रैल को शक्तिमान की मौत हो गई. शक्तिमान को मौत को लेकर उस वक्त खूब सियासत हुई थी.
      पिछले कुछ दिन से विधानसभा तिराहे पर मूर्ति लगाने का काम चला रहा था। दो दिन पहले यहां शक्तिमान की मूर्ति भी लगा दी गई. सोशल मीडिया में शक्तिमान की मूर्ति लगाकर राजनीतिकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी.
      सोमवार को पुलिस दीक्षांत परेड के बाद सीएम ने साफ कर दिया कि वह मूर्ति का अनावरण नहीं करेंगे और फैसला अगली सरकार पर छोड़ दिया. इसके बाद ही रात में मूर्ति को हटाने काम हुआ. शक्तिमान को शहीद की तरह दर्शा हरीश रावत जान गए थे कि ये सब उन पर उलटा पड़ सकता है. यही कारण रहा कि सोमवार को पुलिस लाइन में लगे शक्तिमान की मूर्ति का अनावरण हरीश रावत ने नहीं किया.


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