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मुस्लिम लडकिया खुद को कुवारी साबित करने के लिए कर रही है यह ...

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इन तरीको से मुस्लिम लडकियों को बनाया जा रहा है कौमार्य
    एक रिपोर्ट के मुताबित मुस्लिम लडकियों को सबसे ज्यादा यातनाओ का सामना कर पड़ता है, अगर वो शादी की पहली रात खुद को कुवारी साबित न कर पाये! ऐसी किसी भी परिस्थिति में मुस्लिम महिलाओ को तलाक का सामना करना पड़ता है! पर अब विज्ञानं के चमत्कार से मुस्लिम लडकियों को एक उम्मीद की किरण नज़र आई है! जर्मनी की एक कंपनी हाइमन बना रही है! और मुस्लिम महिलाये इस में खास दिलचस्पी ले रही है! 
     एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक सुहाग रात में अपनी वर्जीनिटी को साबित करने के लिए इस तरह की मांग बढ़ रही है। वर्जिनीय केयर दो बेहद पतली झिल्ली का पैकेज बेच रही है। जर्मनी की इस कंपनी का बिजनस खूब फल-फूल रहा है। मुस्लिमों के बीच इसकी मांग ज्यादा है। इस मामले में चीन मध्य पूर्व बाजार को टारगेट कर रहा था, लेकिन उसकी क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े हुए थे। अब मेड इन जर्मनी की मांग है।
     इस झिल्ली को वजाइना में लगाया जाता है। जिससे नकली खून निकलता है। जब झिल्ली पर दबाव पड़ता है तो खून निकलने लगता है। इसके जरिए लडकिया अपने पति या सेक्स पार्टनर के सामने साबित करना चाहती हैं कि वे वर्जिन हैं।
     फर्जी हाइमन का इस्तेमाल वे महिलाएं भी करती हैं जो अपने हाइमन के टूटने से चिंतित रहती हैं। इस वेबसाइट के विज्ञापन में बताया गया है, ‘कृत्रिम हाइमन के लिए वर्जिनीया केयर पर आए।
     इसके जरिए वेडिंग नाइट में आप खून निकाल खुद को साबित कर सकती हैं। यह कंपनी पूरी दुनिया में पर्जी हाइमन डिलिवर कर रही है, लेकिन इसके मुख्य क्लाइंट यूरोप की मुस्लिम महिलाएं हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर ये रुढ़िवादी फैमली से होती हैं और इन पर कौमार्यता साबित करने का नैतिक दबाव रहता है। वेडिंग नाइट में खून का न निकलना प्रतिष्ठा का विषय बन जाता है।