न्यूयार्क।। ऑटोमैटेड टेलर मशीन (एटीएम) से निकासी करने वालों को सावधान रहने की जरूरत है। इसके कीपैड रोगाणु से भरे हो सकते हैं।इसके संपर्क में आने वाले यौन संबंधों से फैलने वाली बीमारियों (एसटीडी) तक की चपेट में आ सकते हैं। एक शोध के निष्कर्षों के आधार पर यह दावा किया गया है।
न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जैने कार्लटन ने कहा, "हमारे शोध परिणाम बताते हैं कि एटीएम के कीपैड पर विभिन्न स्रोतों से रोगाणु आ जाते हैं। मनुष्य से, भोजन और हवा या सतह में समा जाने वाले वातावरण में मौजूद रोगाणु इसमें शामिल हैं।"
उन्होंने बताया कि एटीएम कीपैड से लिए गए डीएनए से मानवीय व्यवहार और पर्यावरणीय स्रोत का रिकार्ड प्राप्त हो सकता है। वैज्ञानिकों ने जून और जुलाई 2014 में 66 एटीएम मशीनों के कीपैड से नमूने जुटाए थे। ये नमूने अमेरिका के मैनहट्टन, क्वींस और ब्रुकल्यान में लगी एटीएम मशीनों से जुटाए गए थे। कीपैड पर साधारण स्रोतों से रोगाणु पहुंचते हैं।
ये ज्ञात स्रोत घरेलू उपकरण जैसे टेलीविजन, आराम करने की जगह, रसोई घर और तकिया हैं। इसके अलावा हड्डियों वाली मछली, घोंघा जैसे पानी में रहने वाले जीव और चिकन भी रोगाणु के ज्ञात स्रोतों में शामिल हैं। भोजन का डीएनए एक व्यक्ति के हाथ पर बचा हुआ हो सकता है। एटीएम का कीपैड इस्तेमाल करने पर डीएनए उसपर पहुंच जाता है।
