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उन्नाव में कूड़े के ढेर में जलते मिले सौ व पचास रुपए के नोट

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   नोटों पर पाबंदी से कालाधन जमा रखने वालों के अंदर दहशत व्याप्त है, जिससे वह अब नकली नोटों को जला रहे हैं.
     शनिवार को उन्नाव में गुलाब बिल्डिंग के निकट कूड़े के ढेर में बड़ी संख्या में सौ व पचास के नोट जलते हुए मिले. पुलिस ने अधजले नोटों को कब्जे में ले लिया है.
     भारत सरकार ने 500 व 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद कर दिया है. लोग पुराने नोट बंद होने के चलते परेशान हैं, जबकि जाली नोट संचालक भी अपनी बचत हेतु नकली नोटों को हटाने एवं बचने के लिए नित नये तरीके अपना रहे हैं.
     शनिवार सुबह कस्बे के गुलाब बिल्डिंग के निकट कूड़े के ढेर में सौ व पचास रुपये के नोटों को जलाने का प्रयास किया गया. मार्निंग वाक पर निकले लोगों ने जब कूड़े के ढेर में रुपये जलते हुए देखे तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को सूचना दी.
     क्षेत्रीय लोगों के अनुसार नोटों की संख्या अधिक थी. नोट जलाने की सूचना मिलते ही वहां लोगों का जमावड़ा लग गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आग बुझाकर अधजले नोटों को अपने कब्जे में ले लिया. कोतवाली पुलिस के अनुसार नोटों की जांच कराई जा रही है.
     साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर किसने नोटों को जलाने का प्रयास किया है. बीते बुधवार को भी कूड़े के ढेर में बड़ी मात्रा में सौ व पचास रुपये के नोट पड़े मिले थे.
हजार के नोट से ज्यादा सौ के नकली नोट
     पांच सौ रुपए तथा एक हजार रुपए के नोटों पर प्रतिबंध लगाने से पहले एक हजार रुपए के नोटों से ज्यादा संख्या में एक सौ रुपए के नकली नोट प्रचलन में थे. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2015-16 में केंद्रीय बैंक तथा वाणिज्यिक बैंकों द्वारा कुल 6,32,926 नकली नोटों की पहचान की गई. इसमें सौ रुपए के नकली नोटों की संख्या 2,21,447 तथा एक हजार रुपए के नकली नोटों की संख्या 1,43,099 थी. हालांकि, सबसे ज्यादा संख्या पांच सौ रुपए के नकली नोटों की थी. वित्त-वर्ष के दौरान कुल 2,61,695 नकली नोटों की पहचान की गई थी. अनुपात के हिसाब से प्रचलन में जारी हर 10 लाख नोट में 70 नकली हैं.

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