दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 500 और 1,000 रुपए के पुराने
नोटों का चलन बंद करने की घोषणा पर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है.पूरे मामले पर राजनीति गरम हो गई है. अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को बड़ा घोटाला करार दिया है.
उन्होंने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटों के चलन बंद करने की घोषणा से पूर्व ही भाजपा ने अपने सभी दोस्तों को इस बड़े फैसले की जानकारी दे दी थी.
सभी कालेधन वाले नोटों का उपयोग सोना, संपत्ति और डॉलर खरीदने में कर रहे हैं. डॉलर को दो हजार रुपए के नोट से बदला जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है. केजरीवाल ने नोटों का चलन बंद करने को काला बाजारी करने वालों के खिलाफ कदम उठाने के बजाय आम आदमी की बचत पर हमला करार दिया.
उन्होंने अपने दावे को मजबूत करने के लिए तर्क दिया कि भाजपा की पंजाब शाखा के अध्यक्ष संजीव कम्बोज इस घोषणा से पहले ही सोशल मीडिया पर 2,000 रुपए के नए नोटों के साथ दिख रहे थे जिससे साबित होता है कि मामले की जानकारी उन्हें थी.
केजरीवाल ने कहा कि जुलाई से सितम्बर तक बैंकों में पैसे जमा करने में काफी तेजी आई थी जिससे साबित होता है कि भाजपा नेताओं ने पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा से पूर्व ही अपने दोस्तों को इसकी जानकारी दे दी थी.
