
नई दिल्ली।। जनता के भारी दवाब के बाद आखिरकार केन्द्र सरकार ने महीनों बाद विवादस्थ मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर 15 नवम्बर को प्रतिबंध लगा दिया है। पकडे जाने के डर से मलेशिया में छुपे जाकिर की संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसको देखते हुए इसके पहले जाकिर नाइक के गैर सरकारी संस्था पर विदेश से चंदा लेने पर रोक लगाई गई थी। देश के तमाम जागरूक लोगों ने सरकार की इस कार्यवाही का स्वागत करते हुए देश की आशाओं पर बज्रपात करके कुछ माह पहले देश में सउदी अरब के विवादस्थ इस्लामिक बैक को खोलने की इजाजत को रद्द करने की मांग की। गौरतलब है कि इस इस्लामिक बैक को भारत में खोलने की इजाजत देने का साहस पूर्ववर्ती सप्रंग सरकार भी नहीं कर पायी थी। उस समय भाजपा व संघ इसका प्रखर विरोध कर रहे थे। परन्तु अब मोदी सरकार ने जिस प्रकार से इस इस्लामिक बैंक को भारत में खोलने की इजाजत दी उससे राष्ट्रवादी लोग हैरान है। जनता को मोदी सरकार द्वारा दुनिया में गैर इस्लामिक देशों में कहीं नहीं खुले इस विवादस्थ बैंक को खोलने की इजाजत भारत में देने से बेहद निराश है। जबकि भारत का रिजर्व बैंक इसकी इजात पहले नहीं देता था। वहीं दूसरी तरफ धर्मातरण व लोगों में धर्म के नाम पर जहर घोलने के आरोपी जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन उस वक्त घेरे में आ गई थी जब बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकी ने जाकिर नाइक के भाषणों का हवाला दिया गया था। इसके बाद जनता के भारी दवाब में आ कर भारत के गृह मंत्रालय ने आतंक रोधी कानून के तहत जाकिर नाइक की संस्था पर प्रतिबंध लगाने की सुध ली। सूत्रों की मानें तो इसको लेकर कैबिनेट की मीटिंग के लिए गृह मंत्रालय ने मसौदा भी तैयार कर लिया है. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जाकिर नाइक की एनजीओ को प्रतिबंधित करने से पहले तमाम गैरकानूनी गतिविधियों की जांच की गई है जिसके बाद संस्था के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों से रोकधाम अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। जाकिर नाइक की संस्था पीस टीवी से संबंध रखती है. जाकिर नाईक ने विदेशी खाते से पीस टीवी को पैसा भी भेजा है। उल्लेखनीय है कि पीस टीवी पर भी आतंकवाद का प्रचार-प्रसार करने का आरोप है. गृह मंत्रालय ने जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एफसीआरए का लाइसेंस रद्द करने से पहले फाइनल नोटिस दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक एनजीओ के पिछले जवाब से गृह मंत्रालय संतुष्ट नहीं है. जाकिर नाइक के एनजीओ की फंडिग पहले ही रोक दी गई है.
