मुख्तार अंसारी ने मस्जिदों में भिजवाई बोरियां!
हमारे सूत्रों के मुताबिक इनकम टैक्स के छापे से बचने के लिए मुख्तार अंसारी ने गाड़ियों में भर-भर के कई बोरी करंसी अपने असर वाले इलाकों की मस्जिदों में भिजवा दीं। उसने मस्जिदों के मौलवियों को इसके बदले कुछ ईनाम देने का भी वादा किया है। मौलवी ने अपने समुदाय के गरीब जरूरतमंद लोगों से बात करके उन्हें करंसी चेंज करने के लिए तैयार करवा लिया। इस तरह बनारस, गाजीपुर और मऊ जिलों में बैंकों के आगे हजारों की तादाद में ऐसे डमी लोग खड़े हो रहे हैं जो दरअसल अपना पैसा नहीं बल्कि मुख्तार अंसारी की ब्लैकमनी सफेद करवा रहे हैं। इसके बदले में उन्हें हर 4000 रुपये पर 100 या 200 रुपये मेहनताना दिया जा रहा है। गांव के इलाकों में 100 रुपये और शहरों में 200 रुपये दिए जाने की खबर है। इस पूरे इलाके में मुख्तार अंसारी का आतंक है, लिहाजा बैंक के अधिकारी डर के मारे ऐसे लोगों पर सख्ती भी नहीं कर पा रहे हैं।
‘गैरकानूनी धंधों से जुटाया करोड़ों का काला धन’
हमारे सूत्र ने बताया कि मस्जिदों में जिस तरह से बोरों में भर-भरकर नकदी पहुंचाई गई है, उससे यह शक पैदा होता है कि मुख्तार अंसारी के पास काफी मात्रा में अवैध रकम है। ये सारे पैसे उसने इलाके में व्यापारियों, ठेकेदारों और सरकारी कर्मचारियों से वसूली करके कमाए हैं। मुख्तार अंसारी पर पूर्वी यूपी में जिहादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप भी लगते रहे हैं। मऊ समेत कई इलाकों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के आरोप भी उस पर लग चुके हैं। लेकिन हर बार सबूत की कमी से वो छूट जाता है। मुख्तार अंसारी फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद है और उसके खिलाफ हत्या, अपहरण जैसे कई आपराधिक मामले चल रहे हैं।
‘गैरकानूनी धंधों से जुटाया करोड़ों का काला धन’
हमारे सूत्र ने बताया कि मस्जिदों में जिस तरह से बोरों में भर-भरकर नकदी पहुंचाई गई है, उससे यह शक पैदा होता है कि मुख्तार अंसारी के पास काफी मात्रा में अवैध रकम है। ये सारे पैसे उसने इलाके में व्यापारियों, ठेकेदारों और सरकारी कर्मचारियों से वसूली करके कमाए हैं। मुख्तार अंसारी पर पूर्वी यूपी में जिहादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप भी लगते रहे हैं। मऊ समेत कई इलाकों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के आरोप भी उस पर लग चुके हैं। लेकिन हर बार सबूत की कमी से वो छूट जाता है। मुख्तार अंसारी फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद है और उसके खिलाफ हत्या, अपहरण जैसे कई आपराधिक मामले चल रहे हैं।
