मोदी बोले- मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ हूं, देश के लिए सबकुछ छोड़ा...
- मोदी ने कहा, ''70 साल की बीमारी 17 महीने में मिटानी है।''
- ''हमने एक और काम किया, सोना खरीदने पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती। पहले कम लगती थी। ज्वैलर्स की संख्या कम है। बड़े शहरों में 50 होंगे।''
- ''मैंने घर, परिवार, सबकुछ देश के लिए छोड़ा है। मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ। (यहां मोदी थोड़ा भावुक हो गए)
- मोदी ने कहा, ''आपको पता था क्या, सबको मालूम था कि ये सरकार बनने के तुरंत बाद हमने एक सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज के नेतृत्व में SIT बनाई।''
- "सबको पता था कि ये कोई न कोई बड़ा फैसला जरूर लेगा।"
- ''दुनिया में कहां-कहां ब्लैकमनी का काम चल रहा है, इसकी जांच हो रही है।''
- ''पहले वाली सरकारें टाल रही थीं.. हमने किया। पुत्र के पांव पालने में.. जब पहले दिन ऐसा निर्णय लिया तो पता नहीं था कि आगे में क्या करने वाला हूं।''
- ''कुछ नहीं छिपाया, देश को गलतफहमी में नहीं रखा, खुलकर बात कही और ईमानदारी से।''
- ''दूसरा जरूरी काम था कि दुनिया के देशों के साथ 50-60 साल में ऐसे एग्रीमेंट हुए कि हम ऐसे बंध गए कि जानकारियां ही नहीं मिल पा रही थी।''
