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अपने अकाउंट मे दूसरे का पैसा जमा करना पड़ेगा मंहगा, चेतावनी जारी

    नई दिल्ली।। नोटबंदी के बाद अपनी ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए कुछ लोग दूसरों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। लुभावने ऑफर के झांसे में आकर बहुत से लोग दूसरे का पैसा अपने खाते में डाल भी रहे हैं। सरकार ने ऐसे लोगों को चेतावनी जारी कर कहा है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल ना हों वर्ना महंगा पड़ सकता है। दोषी पाए जाने पर इनकम टैक्स कानूनों के तहत दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार को रिपोर्ट मिली है कि कुछ लोग अपने काले धन को सफेद करने के लिए दूसरों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो ऐसा करने के लिए अकाउंट होल्डर को पैसा भी दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार ने इस मामले को लेकर आम जनता को सतर्क किया है। सरकार ने साफ किया है कि 2.5 लाख रुपए तक की डिपॉजिट पर इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंंट पूछताछ नहीं करेगा। 2.5 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। ऐसे में लोगों को लगता है कि 2.5 लाख रुपए तक की डिपॉजिट पर टैक्स स्क्रूटनी नहीं होगी। इसी का फायदा उठाने के लिए लोग दूसरों के अकाउंट में 2.5 लाख रुपए से कम रकम जमा करा रहे हैं।
      वित्त मंत्रालय ने कहा है कि अगर यह पाया गया कि अकाउंट में जमा कराई गई राशि अकाउंट होल्डर की नहीं किसी और की है तो उसे टैक्स और पेनल्टी चुकानी होगी। इसके अलावा इस मकसद के लिए अपने अकाउंट का मिसयूज करने के अनुमति देने के लिए अकाउंट होल्डर्स के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा भी चलाया जा सकता है। सरकार ने पहले ही पैन को लेकर नियम में बदलाव किया है जिससे लोग 50 हजार रुपए तक बिना पैन के डिपॉजिट करने के नियम का दुरूपयोग न कर सकें। अब अगर किसी के अकाउंट में 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच कई बार में 2.5 लाख रुपए या इससे अधिक राशि जमा होती है तो उसे अपना पैन नंबर देना होगा।
      केंद्र सरकार ने साफ किया है कि बुनकरों, वर्कर्स और हाउसवाइफ द्वारा अकाउंट में डिपॉजिट कराए गई छोटी जमाओं को लेकर इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट पूछताछ नहीं करेगा। वित्त मंत्रालय की ओर से किए ट्वीट में कहा गया है कि ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि कुछ लोग दूसरों के अकाउंट में पुराने नोट जमा कर अपने काले धन को सफेद कर रहे हैं। वित्त मंत्रालय ने ऐसे मामलों में सख्ती करने की बात कही है।
    सरकार जनधन अकाउंट पर नजर रख रही है। बैंकों से भेजी गई रिपोर्ट से पता चला है कि बड़े पैमाने पर जनधन खातों में 49 हजार रुपए तक जमा कराए गए हैं। जनधन अकाउंट में 50,000 रुपए तक ही जमा कराए जा सकते हैं। सरकार को अंदेशा है कि लोग अपना काला धन जनधन अकाउंट में जमा करा रहे हैं। सरकार कर चुकी है दूसरों का पैसा न जमा करने की अपील केंद्र सरकार पहले ही आम लोगों से अपील कर चुकी है कि किसी दूसरे का पैसा अपने अकाउंट में न जमा कराएं। सरकार नोट बैन के बाद काले धन को लेकर सतर्क है। इसी वजह से सरकार 2 लाख रुपए से अधिक के हर ट्रांजेक्शन पर नजर रख रही है।