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नोटबंदी का हश्र कांग्रेस के ‘नसबंदी’ जैसा होगा - लालू

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    राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने नोटबंदी का हश्र कांग्रेस कार्यालय के ‘नसबंदी’ जैसा होने का दावा करते हुए घोषणा की कि नोटबंदी के खिलाफ लोगों के गुस्से के प्रकटीकरण के लिए आगामी 28 दिसंबर को उनकी पार्टी बिहार में राज्यव्यापी धरना देगी.
      पटना में शनिवार अपनी पत्नी राबड़ी देवी के आवास पर राजद के सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ 500 और 1000 रूपये के नोट पर रोक को लेकर जनता की परेशानी पर आज दिनभर चली बैठक में चर्चा की गयी.
     अपनी पार्टी की इस बैठक को सार्थक बनाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सलाहकार रहे मशहूर अर्थशास्त्री मोहन गुरूगोस्वामी को नोटबंदी के गलत प्रभाव को बताने के लिए आमंत्रित किया था. राजद की इस बैठक में गुरूगोस्वामी ने स्लाइड प्रस्तुति के जरिए राजद नेताओं को बताया कि इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने तक देश के सकल घरेलु उत्पाद में 2.5 प्रतिशत की कमी होगी.
     राजद की इस दिन भर चली बैठक में लालू के अलावा उनकी पत्नी राबडी देवी, पुत्र एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दकी, राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बैंकों और एटीएम में लाइन लगे गरीबों और किसानों को कितनी कठिनाईयों का सामना करना पड रहा है.
     राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी की कमियों को लेकर उनकी पार्टी द्वारा आगामी 28 दिसंबर को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि धरने के बाद सभी दलों के नेताओं चाहे वह राष्ट्रीय या क्षेत्रीय हों, नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के खिलाफ पटना में आयोजित की जानेवाली एक रैली में आमंत्रित किया जाएगा, जिसकी तारीख की बाद में घोषणा की जाएगी.
      मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नोटबंदी की प्रशंसा के बारे में लालू प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार का भी ध्येय हमारी तरह है..हम सभी 500 और 1000 रूपये के नोट के अमान्य होने के कारण जनता को हो रही कठिनाईयों के खिलाफ एक साथ खडे हैं. इससे पूर्व राजद की इस बैठक को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि संसद और उसके बाहर नोटबंदी के खिलाफ हुए धरना में उनकी पार्टी आगे-आगे रही है.
     गत 30 नवंबर को नोटबंदी को वापस लिए जाने की मांग को लेकर तृणमूल कांगेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पटना में आयोजित रैली में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने मंच साझा किया था. नोटबंदी का समर्थन करने के कारण नीतीश और उनकी पार्टी जदयू ने ममता के इस धरना कार्यक्र म से अपने को अलग रखा था.
     नोटबंदी के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए राजद की इस बैठक में शामिल अर्थशास्त्री गुरूगोस्वामी ने अपने आधे घंटे की प्रस्तुति के दौरान बताया कि हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के कारण सकल घरेलु उत्पाद में दो प्रतिशत की कमी आने की संभावना जतायी है, पर हमारे विचार से यह करीब 2.5 प्रतिशत की कमी आएगी.
     नोटबंदी के कारण करीब 22 करोड दैनिक मजदूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. गुरूगोस्वामी ने कहा कि कुल कालाधन में केवल चार प्रतिशत नकदी हैं जबकि 46 प्रतिशत जमीन और भवन में निवेश किए गए हैं और 26 प्रतिशत आभूषण और 24 प्रतिशत विदेश में जमा हैं. नोटबंदी को लेकर गुरूगोस्वामी के विचारों से जुड़ा पर्चा अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सौंपते हुए राजद प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 20 से 26 दिसंबर तक जमीनी स्तर पर जनजागरण कार्यक्र म चलाए जाने को कहा.
      उन्होंने प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विफल होते देख अब वे कैशलेस और पेटीएम की बात कर रहे हैं. लालू ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री चीन से आगे जाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ वे अधिक चीनी निवेश वाली पेटीएम कंपनी का समर्थन कर रहे हैं.

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