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ये हैं यद्दी रेड्डी... विजयवाड़ा के राम मंदिर के बाहर भीख माँगते हैं... हाल ही में इन्होंने भगवान राम के लिए डेढ़ लाख रूपए का स्वर्ण मुकुट दान किया है. इससे पहले भी येदी रेड्डी ने साईं बाबा के लिए एक लाख रूपए का चाँदी का मुकुट दान किया है... इसके अलावा तिरुपति मंदिर में पिछले तीन वर्ष से अन्नदान के लिए प्रतिवर्ष बीस हजार रूपए का चंदा भी देते हैं...
रेड्डी बताते हैं कि लगभग चालीस-पैंतालीस साल पहले वे विजयवाड़ा आए थे... मजदूरी की, रिक्शा चलाया, बीमारी-दुर्घटना में एक-एक करके परिजनों की मौत होती गई... वे अकेले रह गए... कोई विशेष खर्च है नहीं, और शारीरिक मेहनत भी नहीं हो पाती. इसलिए पिछले दस वर्ष से वे इस मंदिर के बाहर भीख माँग रहे हैं...
उनका कहना है कि - "जहाँ से लिया, वहीं वापस कर दिया... साथ क्या ले जाऊँगा?"
रेड्डी बताते हैं कि लगभग चालीस-पैंतालीस साल पहले वे विजयवाड़ा आए थे... मजदूरी की, रिक्शा चलाया, बीमारी-दुर्घटना में एक-एक करके परिजनों की मौत होती गई... वे अकेले रह गए... कोई विशेष खर्च है नहीं, और शारीरिक मेहनत भी नहीं हो पाती. इसलिए पिछले दस वर्ष से वे इस मंदिर के बाहर भीख माँग रहे हैं...
उनका कहना है कि - "जहाँ से लिया, वहीं वापस कर दिया... साथ क्या ले जाऊँगा?"
