मोदी सरकार का नया फरमान : किसी भी आंतकी के हाथों में गन दिखे तो उसे गोली मारकर जन्नत की सेर करवा दो

0
Translate News:
Image result for narendra modi want to shoot terroristभारतीय सेना को मिला नया आदेश, सुनकर आप भी जय-जयकार करने लगेंगे
      एक समय था जब आंतकी कसाब को जेल में सरकारी महमान बनाकर रखा गया था। आपको यकीन नहीं होगा पर उस कसाब पर कांग्रेस सरकार ने लाखों रूपये खर्च किये थे। यहाँ तक की हफ्ते में उसका चैकअप भी किया जाता था। कसाब को फांसी भी गुप्त तरीके से दी गई थी, कभी कभी तो लगता है की कसाब को फांसी दी ही नहीं गई है शायद वो अभी भी जिन्दा हो, खैर जो भी है वो बीता हुआ कल है। पर आने वाले कल में ऐसा बिलकुल भी नहीं होने वाला है। 
मोदी सरकार का नया फरमान –
     मोदी सरकार ने यह साबित कर दिया है की वो आंतकियों पर रहम करने वाली तो बिलकुल भी नहीं है। जैसा की देखा जा रहा है सरकार ने एक नई घोषणा कर दी है। इसमें कहा गया है की आंतकियों पर किसी भी प्रकार का सरकारी खर्च नहीं किया जाएगा। और जहाँ भी आंतकी मिले वहां उसे खत्म कर दो। सेना को मिले नये आदेशो में लिखा है की किसी आंतकी के हाथों में गन दिखे तो उसके चलाने से पहले आप गोली चला दो उसे जन्नत की सेर करवा दो।
अब नहीं उठेंगे आंतकियों को बचाने के लिए हाथ – 
    हमारे देश में गद्दार कम नहीं है। कसाब जैसे आंतकियों को बचाने के लिए आधी रात को कोर्ट भी खुलवा दिया जाता है। ऐसा होता है उनगद्दारों की वजह से और यही था पहले की सरकार में सिस्टम बना हुआ। पाकिस्तान आंतकी भेजता था और भारत उनकी पेरवी करता था। पर अब ऐसा नहीं होने वाला है। क्योंकि सरकार ने कह दिया है की अब किसी को बक्शा नहीं जाएगा।
कश्मीर में नोटों के दम पर होता था ऐसा काम – 
    नोटबंदी के बाद कश्मीर पूरी तरह से शांत हो गया है। कारण कश्मीर के लोगों को पैसे देने वालों के पास भी पैसा नहीं रहा। ऐसा लगता है की मोदी सरकार ने कश्मीर को देखते हुए ही ऐसा फेसला लिया है।
आंतकियों को मारने की खुली छूट – 
    अब सेना को भी आर्डर दिए गये हैं की जहाँ आंतकी दिखे या कुछ गलत लगे उसे वहीँ खत्म कर दो। गिरफ्तार करने की जरूरत ही क्या है क्योंकि गिरफ्तार करने के बाद तो हजारों गद्दार उनके सप्पोर्ट में उतर आएंगे।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top