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लेकिन इस मामले पर बाबरी मस्जिद कमेटी ने सीजीआई खेहर की बात मानने से
इंकार कर दिया है। कमेटी के ज्वॉइंट कंवीनर डॉ एसक्यूआर इलयास ने कहा, ‘हम
लोगों को सीजीआई की बात मंजूर नहीं है। इलाहबाद हाई कोर्ट पहले ही अपना
निर्णय दे चुका है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लगता है कि बातचीत का वक्त
अब खत्म हो चुका है।’ उन्होंने बाबरी मस्जिद कमेटी और विश्व हिंदू परिषद के
बीच हुई पिछली बातचीत का भी जिक्र किया जो कि किसी फैसले पर नहीं पहुंची
थी।
अयोध्या के इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल नहीं होती है तो फिर सुप्रीम कोर्ट दखल देगा। इसके लिए एक सुलह करवाने वाला व्यक्ति नियुक्त करने की भी बात कही जा रही है।
अयोध्या के इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत सफल नहीं होती है तो फिर सुप्रीम कोर्ट दखल देगा। इसके लिए एक सुलह करवाने वाला व्यक्ति नियुक्त करने की भी बात कही जा रही है।
