छात्रा ने नकल करवाने से किया मना तो मैडम ने छीना पेपर, मैडम किताब खोलकर करवा रही थी नकल

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      फरीदाबाद।। नकल रहित परीक्षा दिलवाने का दावा करने वाले शिक्षा विभाग का गांव साहूपुरा के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को किताब खोलकर नकल करवाने का मामला सामने आया हैं, जिसका विरोध करने पर एक छात्रा को अध्यापिका ने पेपर छीनकर स्कूल से बाहर निकाल दिया, 9वीं कक्षा की छात्रा सुनीता का स्कूल में रो - रोकर बुरा हाल है क्योंकि उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने हिंदी के पेपर में मैडम को नकल करवाने से मना किया था जिसकी सजा उसे उसका पेपर छीनकर स्कूल से बाहर निकालने की दी गई।
      राजकीय उच्च विद्यालय साहूपुरा के परिसर में स्कूल ड्रेस में रोती हुई दिखाई दे रही ये सुनीता कक्षा 9 वीं की छात्रा है, जिसे स्कूल की एक मैडम ने स्कूल से पेपर छीनकर बाहर निकाल दिया है,, छात्रा की खता बस इतनी थी कि उसने हिंदी के पेपर में विद्यार्थियों को नकल करवा रही मैडम से नकल करवाने के लिये मना किया था बस फिर क्या मैडम ने छात्रा का पेपर छीना और बाहर निकाल दिया। 9वीं कक्षा की छात्रा सुनीता की माने तो वह स्कूल में हिंदी का पेपर दे रही थी, जहां मैडम प्रिंयका विद्यार्थियों को किताब खोलकर नकल करवा रही थी उन्होंने जब इसका विरोध किया और मैडम को नकल करवाने के लिये मना किया था तो मैडम प्रियंका ने उनका पेपर छीन लिया और उसे स्कूल से बाहर कर दिया । जिसके बाद वह घर गई और अपनी मां से जिसके बारे में बताया और फिर अपने क्षेत्र के पार्षद से भी शिकायत की और दोनों को लेकर स्कूल पहुंची।
     पार्षद राकेश गुर्जर की माने तो उसके पास बच्ची रोती हुई पहुंची थी जिसके बाद उन्होने स्कूल की प्रधानचार्या से बात की तो उन्होंने उसके साथ भी अभद्र व्यवहार जिसपर वह भी स्कूल में पहुंचे तो पता लगा कि स्कूल में जान पहचान वाले विद्यार्थियों को किताब खोलकर नकल करवाई जा रही है। बच्ची ने सिर्फ नकल करवाने से मना किया था जिसका सजा उसे स्कूल से निकालकर दी गई।छात्रा की मां सुमन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल में मैडम कुछ बच्चों को नकल करवा रही है और कुछ बच्चों को विरोध करने पर स्कूल बाहर भगा रही है, जब शिकायत लेकर स्कूल पहुंची तो मैडम ने उन्हें धमकी भी दी है कि वह ऐसे ही करवायेंगी जो करना है वह करना है कर लो।जब इस बारे में स्कूल की मैडम से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मीडिया को कुछ भी बताने से साफ साफ मना कर दिया।

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