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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यूपी को अपराधी मुक्त बनाने के लिये लगातार इनकाउंटर कराई कुछ हद तक अपराधियों पर लगाम जरूर लगा। मगर कैसे होगा यूपी अपराधी मुक्त जिसने यूपी को अपराधी मुक्त करने का संकल्प लिया है जब उसी की पार्टी में रेप के आरोप में उन्ही के विधायक हो तो क्या उम्मीद की जाए।
उन्नाव रेप पीड़िता बीजेपी के कुलदीप सेंगर पर रेप करने की शिकायत लिए पुलिस के आला अधिकारियों के चक्कर लगाती रही मगर कहीं से उसे इंसाफ की उम्मीद नज़र नही आई।
थक हार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरवाजे पे इंसाफ की भीख मांगती है, यहां तक कि खुदको आग के हवाले करने की कोशिश की मगर हाथ मे उदासी ही आई। पिता ने जब पुलिस में रिपोर्ट करनी चाही तो उन्ही पर एफआईआर दर्ज कर पिटाई की गई।
पिटाई भी इस तरह की पीड़ित के पिता ने इस दुनिया को ही अलविदा कह दिया और अपनी मासूम बिटिया को बिना इंसाफ दिलाये इस दुनिया से चला गया। पीड़ित का एक एक बयान दिल को झक झोर देता है कितनी लाचारी से आंखों में आंसू लिए पिता को याद कर रोती बिलखती है।
बेबस पीड़ित मीडिया वालों से कहती है सर हमें इंसाफ दिला दो, हमारे पापा से मिला दो, जिंदा नही देख सके तो कमसे कम मरे हुए ही दिखा दो।
मेरे पापा से मिला दो
पीड़िता की ये आवाज सुनकर कालेजा मुह को आजाता है। मगर ये सत्ता में बैठे हुए लोग क्या जाने किसी का दर्द बस अपनी कुर्सी सबको बचानी है। मगर जब मीडिया ने इसे सच्चाई से दिखाई और यूपी सरकार की चारो तरफ विरोद होने लगा तो कुर्सी पे बैठे नेता कुर्सी जाने के डर से अब कार्यवाही की बात करने लगे है। काश कारवाही की गई होती तो आज पीड़िता का पिता जिंदा होते। एक बेटी को अपना पिता नही खोना पड़ता।
