साजिश के साथ पत्रकारों के ऊपर फर्जी मुकदमे करके दहशत पैदा की जा रही है - एहसान अली शेख

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Related imageकिसी भी पत्रकार को फर्जी कहने वाले अब जाएंगे जेल
राजस्थान मोर्चा न्यूज चैनल के चीफ एडिटर एहसान अली शेख ने किया ऐलान।
   जयपुर/राजस्थान।। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या वेब मीडिया से जुड़कर काम करने वाले गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अगर किसी शासनिक, प्रशासनिक अधिकारी या कोई भी अन्य व्यक्ति फर्जी पत्रकार कहता है तो उसके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा कायम कराया जाएगा।
    वेब मीडिया से जुड़कर कार्य करने वाले हैं स्वतंत्र पत्रकार सोशल मीडिया से जुड़कर काम करने वाले हैं पत्रकार मित्र अथवा स्वतंत्र पत्रकार ऐसे में बिना पत्रकार का मापदंड पुरे प्रमाण के साथ बिना बताए अगर पत्रकारों को कोई फर्जी कहता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी। एहसान अली शेख ने कहा कि जिसे पत्रकारिता का अर्थ जानना है वह मेरे साथ बैठकर वार्ता कर सकता है, उन्होंने कहा कि किसी भी रजिस्टर्ड मीडिया संस्थान से जुड़कर पत्रकारिता का कार्य करने वाले फर्जी नहीं हैं उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जगत में मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं गैर मान्यता प्राप्त पत्रकार की बात करके पत्रकारों के बीच में झगड़ा लड़ाने वाले लोग देश द्रोही हैं, उनके खिलाफ भारत सरकार और राज्य सरकारों को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।
     उन्होंने कहा कि चाहे प्रशासनिक अधिकारी हो या राजनेता पत्रकारों के बारे में असली और नकली की बात उठाने वाले सभी भ्रष्टाचारी और फिरका परस्त लोग हैं अगर उनके आय के स्रोतों की जांच करा लिया जाए तो वे भ्रष्टाचार के दलदल में इतने डूबे हुए मिलेंगे जिसका अंदाजा किसी को सपने में भी नहीं रहा होगा उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को स्वतंत्रता पूर्वक कार्य करने से रोकने की एक साजिश के साथ पत्रकारों के ऊपर फर्जी मुकदमे करके दहशत पैदा किया जा रहा है।  
     जिससे कि पत्रकारिता के क्षेत्र में जुड़ने वाले लोगों की जो तादाद बढ़ रही है उस पर ब्रेक लग जाए लेकिन फिरका परस्तो का मंशापूर्ण नहीं होगा अब देश की जनता जाग चुकी है आज अपने अधिकार सम्मान सुरक्षा की लड़ाई को लड़ने के लिए एक-एक नौजवान सड़कों पर उतरने को तैयार है उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड मीडिया संस्थानों से जुड़कर सोशल मीडिया पर ग्रुप अथवा समूह बनाकर कार्य करने वाले लोग भी फर्जी नहीं है उन्हें पत्रकार मित्र या स्वतंत्र पत्रकार कहा जा सकता है।
    अगर प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेब मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर पत्रकारिता करने वाले लोगों को फर्जी घोषित करने का कोई पुख्ता प्रमाण अगर हिंदुस्तान के अंदर कोई देना चाहे तो आ करके दे हम उसके एक-एक सवालों का जवाब देने के लिए इंतजार कर रहे हैं उन्होंने कहा कि अब अगर किसी भी रजिस्टर्ड संस्थाओं से जुड़कर काम करने वाले लोगों को फर्जी पत्रकार कहा तो उसकी खैर नहीं है उसके खिलाफ हम उच्चतम न्यायालय में मुकदमा पंजीकृत करा कर उचित कानूनी कार्यवाही कराएंगे।

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