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लॉकडाउन के बाद यातायात के साधनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ट्रेन, बस, ऑटो, मेटाडोर का परिचालन बंद होने से लोगों को आवश्यक काम से आवाजाही में परेशानी हो रही है। इसका फायदा एंबुलेंस चालक उठा रहे हैं। वे तीन गुना तक किराया वसूल रहे हैं। दो-तीन किमी की दूरी के लिए 1600 से 2500 रुपए तक वसूल रहे हैं। जबकि, बगैर मरीज के एंबुलेंस के इस्तेमाल पर रोक है।
टीम ने एक एंबुलेंस चालक से बात की, तो पहले उसने मीठापुर बस स्टैंड से ई-रिक्शा बुक करने की सलाह दी। जब उसे स्टैंड पर भीड़ होने और वहां किसी तरह का यातायात का साधन होने से इंकार किया तो, वह तैयार हो गया। पीएमसीएच से मीठापुर स्टैंड तक के लिए 1600 रुपए मांगे। जब लग्जरी वाहन की मांग की गई तो चालक ने सुमो का किराया दो हजार रुपए बताया। इस संबंध में एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी सेवा के लिए चलने वाले वाहनों की जांच नहीं की जा रही है। ऐसे वाहनों की जांच में लगने वाले वक्त से अनहोनी की आशंका रहती है। लोगों को खुद ही सतर्क होना पड़ेगा, जिससे चालक उनका फायदा नहीं उठा सके। इसके बावजूद किसी वाहन पर शक होता है, तो पुलिस जांच कर कार्रवाई करती है।
पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीएमएस, एम्स के साथ ही प्राइवेट हॉस्पिटल में लगभग पांच हजार एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। उनमें 2500 ओमनी, 2000 सुमो, 500 सफारी, इनोवा जैसी गाड़ियाें का इस्तेमाल किया जाता है। गाड़ी की क्वालिटी के हिसाब से किराया मांगा जाता है। पटना जंक्शन और मीठापुर बस स्टैंड के लिए ओमनी का 1600, सुमो का 2000, सफारी, इनोवा का 2500 से 3000 रुपए मांग रहे हैं।

