हताश हो चुके ट्रम्प : मोदी से हर हाल में चाहते है मलेरिया की दवाई

Breaking News

10/recent/ticker-posts

Ad Code

हताश हो चुके ट्रम्प : मोदी से हर हाल में चाहते है मलेरिया की दवाई

Trump Doesn't Grasp What Americans Are Going Through - The Atlantic
ब्रिटिश रिपोर्ट का दावा कोरोना वायरस से यू.एस. में हो सकती है 22 लाख से ज्यादा मौत
UK में 5 लाख लोगों की जा सकती है जान,
स्टडी रिपोर्ट से सकते में सरकार
    एक ब्रिटिश शोध रिपोर्ट के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारें सकते में आ गई हैं। इस शोध में कहा गया है कि आने वाले समय में कोरोना से अमेरिका में 22 लाख और ब्रिटेन में 5 लाख लोगों की मौत हो सकती है।  जब से यह रिपोर्ट आई है तब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बड़े ही हताश और बेबस नज़र आ रहे है। कहने को अमेरिका पूरी तरह से विकसित देशो में सर्वोच्च स्थान पर बना हुआ है, जहा की मेडिकल व्यवस्था पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन मानी जाती है, लेकिन इन सबके बावजूद कोरोना जैसी महामारी ने विश्व के सबसे शक्तिशाली देश को भी निढ़ाल कर के रख दिया है। सेकड़ो की तादात में रोज़ होने वाली मौतों के चलते बेबसी के हालत यहाँ तक पहुंच गए है की हताश डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मलेरिया की दवाई हाइड्रोक्सिन क्लोरक्वाइन हर कीमत पर हासिल करना चाहते है। आखिर ऐसा वे करे भी क्यों ना जब एक राजा के सामने तेज़ी से उसकी प्रजा बेमतलब जब उसे जाती दिखे। वही मोदी ने भी दरयादिली दिखते हुए, अमेरिका को हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया है। गौरतलब है की दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। 150 से ज्यादा देशों में कोरोना अपना कहर बरपा रही है। खबरों के मुताबिक, अब तक चीन और उसके बाद इटली में इस वायरस के चपेट में आने सबसे ज्यादा लोगों की मौतें हुई है। लेकिन एक ब्रिटिश शोध रिपोर्ट के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारें सकते में आ गई हैं। इस शोध में बताया गया है कि आने वाले समय में कोरोना से अमेरिका में 22 लाख और ब्रिटेन में 5 लाख लोगों की मौत हो सकती है।  
    ब्रिटिश शोध रिपोर्ट के आने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जोहान्‍सन ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए और ज्‍यादा कड़े कदम उठाए हैं। ब्रिटेन में लोगों को घरों से बाहर न निकलने और विभिन्‍न बीमारियों से जूझ रहे 70 लाख लोगों को अलग-थलग रहने के लिए कहा है। यह अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्रोफेसर नील फर्गुसन ने इटली कोरोना के आंकड़ों के आधार पर किया है।
    गौरतलब है कि यूरोपीय देशों में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा 2503 मौतें इटली में हुई हैं। प्रोफेसर फर्गुसन ने 1918 में फैली महामारी फ्लू के प्रभाव और प्रसार से जुड़े आकंड़ों की कोरोना वायरस से जुड़े ताजा आंकड़ों की तुलना करके अनुमान लगाया है। इस अध्ययन में कहा गया है कि अगर इस महामारी से बचने के कोई इंतजाम नहीं किए गए तो इसकी वजह से ब्रिटेन में करीब 5 लाख लोग और अमेरिका में 22 लाख लोगों तक की मौतें हो सकती है।
The first American coronavirus death is reported in the Wuhan ...   वहीं अमेरिका में कोरोना वायरस से बचने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि फैलाव को रोका जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15-दिवसीय योजना की घोषणा की, ताकि नए संक्रमण के मामलों को रोका जा सके। इस योजना के तहत घर पर रहने की कड़ी सलाह और 10 या अधिक लोगों के एक साथ जमा होने से बचने का सुझाव भी शामिल था। बता दें कि अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 6,319 मामले सामने आए हैं और 107 लोगों की मौत हो गई है। उधर, ब्रिटेन में कोरोना के 1,950 मामले प्रकाश में आए हैं और 71 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
    बता दें कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में करीब 8 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चीन में 3 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 81 हजार 129 लोगों लोगों में कोरोना की पुष्टि, जबकि 68 हजार 800 से ज्यादा लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। इटली में 2500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं।

Ad Code